बंगाणा में लंबे समय से लटका पड़ा है सुरंग का कार्य
बंगाणा और धनेटा के बीच दूरी कम करने और आवागमन सुगम बनाने के लिए की गई थी स्वीकृत
देरी से न केवल लोगों में नाराजगी, बल्कि सरकारों की घोषणाओं पर विश्वास भी कमजोर पड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
थानाकलां (ऊना)। 12 साल बीत गए लेकिन शिलान्यास पत्थर से आगे सुरंग सरक नहीं पाई है। बंगाणा क्षेत्र के बाशिंदों के लिए 22 सितंबर 2012 को तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने बहुप्रतीक्षित बंगाणा से धनेटा सुरंग का विधिवत शिलान्यास किया। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के तत्कालीन संसदीय सचिव वीरेंद्र कंवर एवं हमीरपुर के सांसद अनुराग ठाकुर भी उपस्थित रहे। शिलापट्टिका पर इन सभी नेताओं के नाम दर्ज हैं, जो उस समय इस परियोजना को लेकर जनभावनाओं से जुड़े हुए थे। इस सुरंग को बंगाणा और धनेटा के बीच दूरी कम करने और आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से स्वीकृत किया गया था। जनता को उम्मीद थी कि यह परियोजना क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास की रफ्तार को बढ़ाएगी। लेकिन, शिलान्यास को 12 वर्ष बीत जाने के बाद भी आज तक इस सुरंग पर कोई कार्य शुरू नहीं हो पाया है। जनता की उम्मीदें अधूरी हैं और शिलान्यास केवल एक पत्थर तक ही सीमित रह गया है। इस देरी से न केवल लोगों में नाराजगी है, बल्कि सरकारों की घोषणाओं पर विश्वास भी कमजोर पड़ा है। क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि हर चुनाव में इस सुरंग का मुद्दा उठाया जाता है लेकिन धरातल पर काम कभी नहीं दिखता। जनता अब चाहती है कि यह परियोजना केवल राजनीतिक भाषणों का हिस्सा न बनकर वास्तविक धरातल पर दिखाई दे। साथ ही प्रशासन से मांग की जा रही है कि इस योजना को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द कार्य शुरू किया जाए, जिससे वर्षों से रुकी विकास की धारा को फिर से गति मिल सके। बंगाणा के लोगों राजकुमार, विशाल भारती शर्मा, शिवांश भारती, राजेश कुमार, मुकेश कुमार, अमन शर्मा, रमन, अभि और अजय ने केंद्र सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द सुरंग का निर्माण किया जाए ताकि लोगों को सुविधा मिल सके। इस संदर्भ में बंगाणा के कार्यकारी एसडीएम अमित शर्मा ने बताया कि सुरंग के शिलान्यास के बाद आगामी प्रक्रिया अभी लंबित पड़ी है। उच्च अधिकारियों के समक्ष जल्द ही इस समस्या को उठाया जाएगा।