नाबालिग से छेड़छाड़ पर व्यक्ति को तीन साल जेल
जंगल रास्ते में दोषी ने नाबालिग से की थी छेड़छाड़, विशेष न्यायाधीश डीआर ठाकुर ने सुनाया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
ऊना।
विशेष न्यायाधीश डीआर ठाकुर की अदालत ने बंगाणा उपमंडल के तहत एक गांव निवासी अशोक को नाबालिग से छेड़छाड़ करने के मामले में दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को पोक्सो एक्ट के तहत तीन साल की सजा सुनाई है। जिला न्यायवादी अशोक धीमान ने बताया कि 18 अप्रैल 2016 को शिकायतकर्ता और पीड़िता का पिता सुबह करीब 8.35 पर अपने घर से बेटी को स्कूल छोड़ने के लिए निकला। आधे रास्ते तक वह बेटी को छोड़ कर अपने काम पर चला गया। करीब 8 बजकर 50 मिनट पर जब लड़की जंगल के रास्ते स्कूल की ओर जा रही थी तो दोषी ने रास्ते में उसे रोककर उसकी बाजू पकड़ ली। पीड़िता घबरा गई और उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। दोषी उसे छोड़ कर मौके से फरार हो गया। पीड़िता ने घर पहुंचकर परिजनों को मामले की जानकारी दी। इसके बाद उसके पिता ने थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करवाया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच आगे बढ़ा दी। अशोक धीमान ने बताया कि विशेष न्यायाधीश डीआर ठाकुर ने आरोपी अशोक कुमार को धारा 341 के तहत लड़की का रास्ता रोकने के आरोप में एक माह का साधारण कारावास और 500 रुपये जुर्माना, धारा 354 के तहत छेड़छाड़ करने पर पोक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत तीन साल के कठोर कारावास और दो हजार रुपये जुर्माना अदा करने के फरमान सुनाए हैं। जुर्माना न भरने पर अशोक को छह माह का साधारण कारावास भुगतने की सजा सुनाई है।