ऊना। जिला मुख्यालय के समीपवर्ती रायंसरी स्थित भराड़ा देवी मंदिर में मूर्ति स्थापना दिवस के मौके पर धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर डेरा बाबा रुद्रानंद आश्रम से हेमानंद महाराज ने विशेष रूप से शिरकत कर श्रद्धालुओं को कथा प्रवचनों से निहाल किया। उन्होंने कहा कि मुक्ति का एक मात्र मार्ग प्रभु की पूजा और भक्ति है। भक्ति का कोई भी रूप हो, भगवान अपने भक्तों से कभी विमुख नहीं होते। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में नारायण सेवा को सर्वोपरि माना गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं को धर्म और संस्कृति के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि सभी को दिन में एक बार सपरिवार पूजा अर्चना करनी चाहिए। वहीं, सभी को एक बार साथ बैठकर भोजन भी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिनके संतान न हो, वे दंपति नारायण के बाल रूप की पूजा अर्चना करें। उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रवचनों के साथ लघु कथाओं के माध्यम से धर्म और संस्कृति संरक्षण के कई उदाहरण भी दिए। इस दौरान अरुण शर्मा, सुदर्शन शर्मा और रामदेव ने मोहक भजनों से श्रद्धालुओं को प्रभु की भक्ति का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान महेंद्र कुमार भारद्वाज और उपेंद्र शर्मा ने श्रद्धालुओं के लिए लंगर की व्यवस्था भी की। इस दौरान वीरेंद्र धीमान समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।