संतोषगढ़ में परशुराम जयंती पर उपस्थित पदाधिकारी।
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अमर उजाला ब्यूरो
संतोषगढ़/मैहतपुर (ऊना)। ब्राह्मण एवं क्षत्रिय महासभा के सदस्यों ने एक वर्ग विशेष के वोट बैंक को साधने के लिए समाज को बांटने का सियासी दलों पर आरोप लगाया है। मांग उठाई गई कि सूबे में सवर्णों के लिए एक जनरल प्रकोष्ठ का गठन किया जाए। महासभा का कहना है कि आज 99 फीसदी कल्याणकारी योजनाएं महज दलित उत्थान के नाम पर चल रही हैं। सवर्णों की युवा पीढ़ी की पूरी तरह से अनदेखी हो रही है। बुधवार को भगवान परशुराम जयंती के जिला स्तरीय कार्यक्रम में ब्राह्मण एवं क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों और सदस्यों ने राजनीतिज्ञों पर हमला बोला और सवाल किया कि आज तक किसी भी पार्टी के नेता ने सवर्णों के समर्थन में क्यों कोई कल्याणकारी योजना लागू नहीं करवाई? क्यों सवर्णों की युवा पीढ़ी के लिए आवाज उठाने की हिम्मत नहीं जुटाई है? कहा कि वर्ग विशेष को खुश करने के लिए सवर्णों की अनदेखी की जा रही है। क्षत्रिय महासभा के उपाध्यक्ष भूपेंद्र ठाकुर ने कहा कि वक्त आ गया है, ऐसे नेताओं को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जाए। ब्राह्मण सभा के पूर्व प्रदेश महामंत्री शिव किशोर वासुदेवा ने कहा कि उन्होंने सभा की मदद से संतोषगढ़ में करीब 30 दलित बेटियों की शादियां करवाई हैं, बदले में उन्हें गालियां मिलीं। मैहतपुर ट्रक यूनियन के प्रधान एवं पूर्व जिप सदस्य अविनाश मैनन ने कहा कि पिछले 70 सालों से दलितों के उत्थान के भाषण हम सुनते आ रहे हैं, आज तक उनका उत्थान क्यों नहीं हुआ? कहा कि सवर्णों के उत्थान के लिए भी सियासी नेता पांच सात साल लगा दें तो अच्छा होगा। ऊना से युवा नेता संजीव कुमार ने कहा कि सवर्णों की एक साजिश के तहत अनदेखी की जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि आज तक सियासी दलों ने जनरल प्रकोष्ठ क्यों नहीं बनाया? शिवसेना हिंद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवदत्त वशिष्ठ ने राजनीतिज्ञों की सवर्णों के प्रति अनदेखी पर रोष जताया। ब्राह्मण सभा के जिला अध्यक्ष पंडित पीसी शर्मा ने कहा कि संतोषगढ़ में भव्य परशुराम मंदिर भवन बनेगा, इसके लिए योजना तैयार कर ली गई है। पंडित प्यारेलाल शास्त्री ने सवर्णों को अपने हक के लिए एकजुट होने की अपील की। इससे पहले भगवान परशुराम का पूजन एवं हवन किया गया। इस अवसर पर मीना शर्मा, कांता देवी, प्रेम रायजादा, बब्बू भगत, राजन, नरेश पराशर, राकेश चब्बा, नागेश चब्बा, त्रिभुवन, शशि चब्बा, केडी शर्मा, वेद व्यास पराशर, प्रभाष जोशी, रामलाल प्रभाकर समेत कई लोग मौजूद रहे।