अब शुरू हुआ जोड़-तोड़ का खेल
रात के अंधेरे में निकल रहे प्रत्याशी, आधी रात को खटखटाए जा रहे दरवाजे
कई जगह अकेले ही दस्तक दे रहे, कमजोर आंके इलाकों में भी प्रचार तेज
अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। मतदान की तारीख नजदीक आते ही जोड़तोड़ का खेल शुरू हो गया है। कई प्रत्याशियों की तो हालत ऐसी हो गई है कि वे रात के अंधेरे में मोबाइल फोन पर बात करते हुए अकेले ही निकल रहे हैं। पास खड़े कार्यकर्ताओं से बातचीत करते हुए प्रत्याशी तुरंत गाड़ी स्टार्ट कर कार्यकर्ताओं की नजरों से ओझल हो रहे हैं। ऊना, कुटलैहड़, गगरेट, चिंतपूर्णी और हरोली हलकों में ऐसा देखने को मिल रहा है। हालांकि प्रत्याशियों की हर गतिविधियों को कैमरे में कैद किया जा रहा है। इससे प्रत्याशियों की भी मुश्किलें बढ़ी हैं। वीडियोग्राफी करने वाली टीम जब प्रत्याशी के सो जाने के बाद आराम फरमाने निकल रही है तो प्रत्याशी बिस्तर से उठकर चुपचाप गाड़ी स्टार्ट कर रात को कहीं जा रहे हैं। इससे वीडियोग्राफी करने वाली टीमों की दिक्कतें भी बढ़ गई हैं। कई बार प्रत्याशी अपने साथ किसी एक खास सिपहसालार को लेकर रात के अंधेरे में गायब हो रहे हैं। कई बार सुबह इलाके में चर्चा के दौरान ही इस बात का पता चल रहा है कि आधी रात को प्रत्याशी किस कार्यकर्ता के घर पहुंचे थे और क्या रणनीति बनाई। प्रत्याशी ज्यादातर उन क्षेत्रों में रात को जा रहे हैं जहां वे खुद को कमजोर आंक रहे हैं। क्षेत्र में अच्छी पैठ रखने वाले लोगों और नाराज चल रहे खास कार्यकर्ताओं के घर आधी रात को घंटियां बजाई जा रही हैं। जिला भाजपा मीडिया प्रभारी राज कुमार पठानिया कहते हैं कि चुनाव में प्रत्याशी की जीत मुख्य मकसद है। रात को प्रत्याशी किसी पार्टी के किसी खास कार्यकर्ता से मिल रहा है तो यह भी प्रचार का हिस्सा हो सकता है।