भारतीय मूल की नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) में राजधानी शिमला के आसमान में भी पृथ्वी का चक्कर काट रही हैं। नासा ने इसकी समयसारिणी जारी की है। मौसम साफ रहा तो इस स्टेशन को शिमला से सबसे अधिक छह मिनट तक भी देख सकेंगे। इस स्टेशन को शाम के वक्त रविवार से 15 मार्च तक शिमला से देखा जा सकेगा। पर्यटक, आम लोगों और विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए यह रोमांचक पल होंगे। इसे चमकते हुए चलते तारे की तरह नंगी आंखों से देखा जा सकेगा।
आईएसएस पृथ्वी से 400 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में चक्कर काट रहा है। नासा की ओर से शिमला से भी यह समयसारिणी जारी की गई है। नासा के अनुसार यह स्टेशन शिमला से नौ मार्च को शाम 7 बजकर 16 मिनट पर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व से दक्षिण-पूर्व दिशा में चलता नजर आएगा। 10 मार्च को यह 8 बजकर 3 मिनट पर दक्षिण-पश्चिम से पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम की ओर चलता दिखेगा। 11 मार्च को यह दो बार देखा जा सकेगा।
पहले 7 बजकर 14 मिनट पर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम से पूर्व-उत्तर-पूर्व के लिए 5 मिनट तक और दूसरी बार 8 बजकर 53 मिनट पर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम में 1 मिनट से कम समय के लिए देख सकेंगे। 12 मार्च को इसे शाम 8 बजकर 3 मिनट पर पशि्चम से उत्तर दिशा की ओर चार मिनट के लिए देखा जा सकेगा। 13 मार्च को इसे 6 मिनट के लिए 7 बजकर 15 मिनट से लेकर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-उत्तर-पूर्व के लिए जाते हुए देख सकेंगे। 15 मार्च को यह 7 बजकर 16 मिनट के बाद पश्चिम-उत्तर-पश्चिम से पश्चिम दिशा की ओर जाते देख सकेंगे।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के भौतिक विज्ञान विभाग के प्रोफेसर व ब्रिटिश काउंसिल यूके के कॉमनवेल्थ फेलो डॉ. महावीर और भौतिक विज्ञानी अजय शर्मा ने कहा कि शिमला से अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन को देखना रोमांचक होगा।