सात माह बाद हुई जिला परिषद की त्रैमासिक बैठक
59 पुराने और 18 नए मदों पर जिप सदस्यों ने की चर्चा
कम पूरा न होने पर गर्माया सदन, अधिकारियों से पूछे कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। सात माह बाद हुई जिला परिषद की बैठक में सदस्यों ने विकास कार्यों का बजट जारी न होने पर सरकार को घेरा। सदस्यों ने कहा कि वह हर बार विकास कार्यों की सूची तैयार कर भेज रहे हैं। लेकिन बजट के अभाव में कोई कार्य नहीं हो रहा है। हैरत की बात तो यह है कि दो वर्ष पूर्ण दिए गए कार्य भी धीमी चाल ही चल रहे हैं।
जिला परिषद सदस्यों की ओर से 2022-23 में दिए गए कार्य पूरे नहीं हो पाए। इसके चलते आगामी वित्त वर्षों का बजट भी लटक गया है। इससे अब कई सदस्यों ने विकास कार्यों को दिया ही नहीं है। इसके अलावा बैठक में कई मदों पर एक फीसदी कार्य न होने पर अधिकारियों से कारण पूछे। इसके चलते जिला परिषद का सदन गर्माया भी रहा। शुक्रवार को जिला परिषद की त्रैमासिक बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता जिप अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने की।
बैठक के दौरान 59 पुराने और 18 नए मदों पर चर्चा की गई। इसमें अधिकतर मद सड़क, परिवहन, जल, राजस्व और बिजली से संबंधित थे। वहीं, जिला परिषद अध्यक्ष ने सदस्यों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों से आग्रह किया कि विकास कार्यों को पूर्ण करने के लिए बेहतर समन्वय स्थापित कर गति प्रदान करें ताकि समय पर परियोजनाओं का लोगों को लाभ मिल सके।
जिला परिषद सदस्य प्रदेश सरकार, प्रशासन और आमजन के मध्य महत्वपूर्ण कड़ी हैं। निर्वाचित प्रतिनिधियों का यह प्रयास रहना चाहिए कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सकारात्मक सहयोग से जनता की समस्याओं का शीघ्र निवारण किया जा सके। उन्होंने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं बैठक से पूर्व प्रेषित करें ताकि इनका उचित समाधान किया जा सके। इस मौके पर जिला पंचायत अधिकारी जोगिंद्र राणा, जिला परिषद उपाध्यक्ष कमलेश कंवर, उपमंडलाधिकारी कंडाघाट सिद्धार्थ आचार्य समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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2021 से चल रहे मदों पर नहीं निकाला कोई हल
बैठक के दौरान ऐसा भी देखा गया कि कई मद ऐसे थे, जो 2021 से लगातार चल रहे हैं। इसका बैठक में कोई हल नहीं निकल रहा है। कई बार सदस्य इन मदों को पूरा करने के लिए अधिकारियों को कह चुके हैं। लेकिन विकास कार्यों को नहीं किया जा रहा है।
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चंडी में न जेई, न एसडीओ
अध्यक्ष रमेश ठाकुर की चंडी जल शक्ति मंडल से संबंधित मद जिस में एक वर्ष पूर्व पाइप लाइन बिछने के बाद एक भी कनेक्शन न देने का प्रश्न पूछा। जिस पर संबंधित अधिकारी ने कहा कि चंडी में न जेई है। न ही एडीओ और बाबू है तो हम कैसे काम करेंगे। उन्होंने स्वयं स्थिति का पता लगाने के लिए दौरा करने के लिए सदन को आश्वस्त किया।
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स्टाफ की कमी से नहीं पूरी हुए परिवहन मद
बैठक के दौरान परिवहन से संबंधित 12 मदों पर चर्चा की गई। लेकिन इन मदों का इस बैठक में भी कोई हल नहीं निकला। परिवहन के मद अधिकतर सदस्यों की ओर से दिए गए हैं। लेकिन परिवहन अधिकारियों ने इन सभी पर स्टाफ और बसों की कमी का दुखड़ा सुनाया।
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उदासीनता की बनी है स्थिति : सदस्य
जिप सदस्य मनोज वर्मा, आशा परिहार, अमर सिंह ठाकुर समेत अन्य ने कहा कि अब उदासीनता की स्थिति बनी हुई है। धरातल पर काम न के बराबर हो रहे हैं। बजट सरकार नहीं दे रही है। केंद्र सरकार से बजट आता है। लेकिन प्रदेश सरकार उसे खर्च नहीं कर रही है। तीन साल में 45 लाख रुपये का बजट प्रति सदस्य खर्च होता है। लेकिन इसका आधा बजट भी कार्यों पर नहीं लगा है।
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गुणवत्ता के साथ करें कार्य
वहीं, उपमंडलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल ने विश्वास दिलाया कि जिला प्रशासन चुने हुए प्रतिनिधियों के समन्वय के साथ जन समस्याओं के निवारण के लिए प्रयासरत है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि विकासात्मक कार्यों में गुणवत्ता के साथ-साथ गतिशीलता लाएं।
जिला परिषद त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता करते अध्यक्ष रमेश ठाकुर। संवाद