ऑनलाइन गेमिंग में रिवॉर्ड, फर्जी ट्रेडिंग और क्रिप्टो निवेश का लालच देकर साइबर ठग हिमाचल के युवाओं को अपने जाल में फंसा रहे हैं। नतीजा यह है कि जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच प्रदेश में करीब 41 हजार बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे खातों की है, जिनके धारक अनजाने में मनी म्यूल बन गए।
मनी म्यूल वे बैंक खाते होते हैं, जिनमें साइबर ठगी के पैसों का लेनदेन होता है। जैसे ही ऐसे लेनदेन की शिकायत साइबर हेल्पलाइन पर दर्ज होती है, संबंधित राज्यों की पुलिस इन खातों को तुरंत फ्रीज कर देती है। इस कड़ी में देश के विभिन्न राज्यों की पुलिस ने करीब 40 हजार हिमाचलियों के खाते फ्रीज किए हैं। यह कार्रवाई अलग-अलग राज्यों की पुलिस और साइबर सेल की सिफारिश पर की गई है।
आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष जनवरी में 15,272, फरवरी में 10,988, मार्च में 8,692 और अप्रैल (अब तक) में 6,132 बैंक खाते फ्रीज किए गए हैं। कुल मिलाकर 41,084 खातों पर कार्रवाई हुई है। जांच में सामने आया है कि साइबर ठग पहले ऑनलाइन गेमिंग एप के जरिये रिवाॅर्ड, बोनस और कैश जीतने का झांसा देते हैं।
शुरुआत में छोटे ट्रांजेक्शन कर भरोसा बनाया जाता है, फिर बड़े अमाउंट को घुमाने के लिए उन्हीं खातों का इस्तेमाल किया जाता है। इसी तरह फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और क्रिप्टो निवेश के नाम पर भी लोगों को फंसाया जा रहा है। कई मामलों में लोगों को यह तक पता नहीं होता कि उनके खाते से गुजर रहा पैसा साइबर अपराध से जुड़ा है।
क्या है मनी म्यूल : साइबर अपराधी ऐसे लोगों को निशाना बनाते हैं जो कमीशन के लालच में अपना खाता उपलब्ध करा देते हैं या अनजाने में किसी के लिए पैसे रिसीव, ट्रांसफर कर देते हैं। ऐसे खाते मनी म्यूल कहलाते हैं। जांच मे सीधे फ्रीज कर दिए जाते हैं।
ऐसे अनफ्रीज करवा सकते हैं अपना खाता
ऑनलाइन गेमिंग, रिवाॅर्ड, फर्जी ट्रेडिंग और क्रिप्टो निवेश के नाम पर साइबर ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। बैंक खाता फ्रीज़ होने पर घबराने की जरूरत नहीं है। संबंधित बैंक शाखा में जाकर फ्रीज का कारण और केस डिटेल लें। आवेदन के साथ अपने लेनदेन का विवरण दें। बैंक शिकायत को साइबर सिस्टम में भेजेगा, जहां नोडल अधिकारी वेरिफिकेशन करेंगे। खाताधारक निर्दोष पाया जाता है तो खाता अनफ्रीज किया जा सकता है या आंशिक राशि जारी की जा सकती है। -मनमोहन, एएसपी, साइबर थाना मध्य रेंज