केंद्र की ओर से योजनाओं में लोन देने के तरीकों में बदलाव
पहले प्रदेश भर से होंगे आवेदकों के प्रमाण पत्र एकत्र, फिर केंद्र को जाएंगे
केंद्र, आवेदकों के प्रमाण पत्रों के हिसाब से कॉर्पोरेशन को देगा धनराशि
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति निगम (एससी-एसटी कॉर्पोरेशन) से अगर 50 हजार रुपये का भी लोन लेना है, तो अब लगभग तीन महीने का लंबा इंतजार करना होगा। कॉर्पोरेशन की लोगों को लोन देने के तरीके में अब केंद्र की ओर से बहुत बड़ा बदलाव किया गया है। अब एससी-एसटी कॉर्पोरेशन को पहले प्रदेश भर से आवेदकों के प्रमाण पत्रों को एकत्र कर उनकी सूची तैयार करनी होगी और उसे केंद्र के पास भेजा होगा। इसके बाद केंद्र की ओर से आवेदकों की संख्या और मांग के हिसाब से कॉर्पोरेशन को लोन देने के लिए राशि सौंपी जाएगी। वहीं इस प्रक्रिया में आवेदकों की सूची एक ही बार भेजी जा सकती है। ऐसे में एक साथ सभी आवेदकों की सूची भेजना भी जरूरी हो चुका है। इस पूरी प्रक्रिया को करने में कॉर्पोरेशन को दो माह तक का समय लगा है। वहीं इन आवेदकों के लिए पैसे आने में अभी एक माह से ज्यादा का समय लग सकता है।
एससी एसटी कॉर्पोरेशन की रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक लोग 50 से लेकर 2 लाख तक का लोन ही लेते हैं। ऐसे में अब उन्हें तीन माह तक का इंतजार करना पड़ रहा है। एससी एसटी कॉर्पोरेशन को योजनाओं के लिए फंड राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसएफडीसी), राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त विकास निगम (एनएसटीएफडीसी) और राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) की ओर से दिया जाता है। इनमें से एनएसटीएफडीसी और एनएसकेएफडीसी की ओर से लोगों को लोन देने से पहले लिस्ट मंगवाई जा रही है। इससे पहले निगम को लोन की राशि सीधे सौंप दी जाती थी, जिसे निगम की ओर से लोगों को आवेदन के हिसाब से दिया जाता है। इस प्रक्रिया में कुछ दिनों का समय ही लगता था।
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एनएसएफडीसी ने भी लोन देना किया बंद
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) की ओर से प्रदेश में चलाई जा रही योजनाओं में भी पैसा आना बंद हो गया है। इसका कारण स्टेट बिलो गारंटी का पूरा होना है। गारंटी पूरी होने के कारण इन योजनाओं में पैसा नहीं आ रहा है। वहीं निगम की ओर से इसके लिए भी प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा है।
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कॉर्पोरेशन की अपनी योजनाएं भी बंद
कॉर्पोरेशन की ओर से प्रदेश में अपनी भी दो योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसके तहत निगम की ओर से लोगों को शिक्षा और स्वरोजगार के लिए कम ब्याज दरों पर लोन दिया जाता है। इन दोनों योजनाओं के लिए प्रदेश सरकार की ओर से लोन राशि निगम को दी जाती है। वहीं हालात यह है कि करीब पांच सालों से निगम को इन योजनाओं में सरकार की ओर से कोई राशि नहीं दी गई है। इस कारण योजनाएं का काम बंद हो गया है।
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निगम की ओर से योजनाओं को नियमित रूप से चलाया जा रहा है। लोगों के आवेदनों को नियमानुसार एकत्र कर भेजा जा रहा है। वहीं पैसा आने के बाद निगम सभी आवेदनकर्ताओं को लोन राशि सौंप देगा। निगम कोशिश कर रहा है कि जल्द से जल्द लोगों को लोन राशि मिल सके। - राहुल जैन, प्रबंध निदेशक, एससी एसटी कॉर्पोरेशन, हिमाचल प्रदेश