महिला एवं बाल विकास विभाग ने दोनों ही योजनाओं में लगाई रोक
विभाग स्वरोजगार और शिक्षा के लिए देती थी कम ब्याज पर लोन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। हिमाचल प्रदेश महिला विकास निगम की ओर से की दो योजनाएं फंड की कमी के कारण दोनों बंद हो गई हैं। निगम ने योजनाओं में महिलाओं को स्वरोजगार और शिक्षा के लिए तीन लाख रुपये तक देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी, लेकिन अब सरकार ने फंड की कमी के कारण आने से योजनाओं पर रोक लगा दी है। ऐसे में महिलाएं अपना लघु उद्योग खड़ा करने का सपना बनकर रह गया है। प्रदेश की महिलाओं ने अब निगम के पास आवेदन देना ही बंद कर दिया है। सरकार ने पहले दावा किया था कि नए वित्त वर्ष 2026-27 में फंड को बढ़ाकर दिया जाएगा, लेकिन सरकार की ओर से निगम को अब तक फंड नहीं दिया गया उल्टा जो पहले फंड मिलता था अब वह भी नहीं मिल रहा।
स्वरोजगार योजना के तहत 1 लाख रुपये का दिया जाता है ऋण
निगम की ओर से महिलाओं के विकास के लिए स्वरोजगार और शिक्षा ऋण योजना बनाई गई है। इसमें निगम महिलाओं को स्वरोजगार योजना के तहत 1 लाख रुपये और शिक्षा ऋण योजना में 75 हजार रुपये का लोन देता है। इनमें महिलाओं को कम ब्याज दर पर यह लोन दिया जाता है। निगम की ओर से इन दोनों ही योजनाओं में लोन राशि को तीन लाख रुपये कर दिया है, लेकिन फंड की कमी के कारण अभी निगम इन योजनाओं में तीन लाख रुपये नहीं दे पा रही है।
सरकार को भेजा रिमाइंडर
महिलाओं के लिए चलाई गई दोनों योजनाओं पर फंड नहीं आ रहा है। निगम की ओर से सरकार को योजनाओं में फंड के लिए रिमाइंडर भेजा गया है। फंड आते ही निगम की ओर से योजनाओं में महिलाओं को तीन लाख रुपये लोन राशि देना शुरू कर दिया जाएगा।
- अजय कुमार यादव
प्रबंध निदेशक, हिमाचल प्रदेश महिला विकास निगम