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मास्टर जी मिले नहीं, बच्चों ने पाठशाला को छोड़कर दूसरी जगह ले लिया दाखिला

Sat, 27 Aug 2016 10:38 PM IST
ब्यूरो, सोलन
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लोग बार-बार आग्रह करते रहे कि स्कूल में शिक्षकों की तैनाती करो। विभाग ने सुना नहीं अब स्कूल में दो कक्षाएं खाली हो गई हैं। इन कक्षाओं में एक भी बच्चा नहीं है। सभी छात्रों ने स्कूल छोड़कर दूसरी पाठशाला में दाखिला ले लिया है। मामला है दाड़लाघाट से करीब 15 किलोमीटर दूर राजकीय उच्च पाठशाला पकौटी बांजण का। इस स्कूल में अध्यापकों के 5 पद रिक्त पड़े हैं। लोगों ने कई बार विभाग और सरकार से यहां शिक्षक तैनात करने की मांग की। लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हुई।
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अभिभावकों को मजबूरन बच्चों को उस स्कूल से निकालना पड़ा। स्कूल की नौवीं और दसवीं कक्षाएं अब एकदम खाली हैं। इन कमरों में सन्नाटा पसरा हुआ है। स्कूल में गणित, विज्ञान, अंग्रेजी और हिंदी विषय के अध्यापकों के पद खाली पड़े हैं। इस कारण मजबूरन अभिभावकों को क्षेत्र से अधिक दूरी पर बच्चों को पढ़ाने के लिए भेजना पड़ रहा है। इससे अभिभावक सहित विद्यार्थियों को परेशानी भी हो रही है।   पंचायत की प्रधान अमरावती, उपप्रधान एवं स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान कृष्णलाल सहित अन्य सदस्यों ने शिक्षा निदेशक और उप शिक्षा निदेशक सहित स्थानीय विधायक को इस समस्या से अवगत कराया है। लेकिन समस्या अभी भी जस की तस बनी हुई है। समस्या का कोई समाधान न निकलने और अपने बच्चों के भविष्य को देखते हुए स्थानीय लोगों ने स्कूल को बदलना ही ठीक समझा। ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर जहां  सरकार शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षा का स्तर बेहतरीन करने की बात करती है वहीं दूसरी ओर कई वर्षों तक सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के पद खाली रहते हैं। इसका परिणाम ग्रामीण बच्चे सरकार की लचर नीति का शिकार बन जाते हैं।

 पंचायत उपप्रधान एवं एसएमसी अध्यक्ष ने बताया कि यदि सरकार ने शीघ्र इन पदों को नहीं भरा तो शेष बचे छात्र भी दूसरे विद्यालयों को पलायन कर जाएंगे। विद्यालय में कार्यरत एक अध्यापक नरेंद्र कुमार संख्यान का कहना है कि इस बारे में कई बार विभाग से पत्राचार किया लेकिन समस्या का कोई भी हल नहीं निकल पाया। उन्होंने पंचायत सदस्यों से आग्रह किया कि वह अपने स्तर पर अपने माध्यम से सरकार द्वारा इन पदों को भरने का प्रयास करें ताकि छात्रों की पढ़ाई सुचारु रूप से चलें।
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