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Solan News: हाईवे पर 10 माह में कहीं डग़ें की दरकार तो कहीं नक्शे का इंतजार

Mon, 17 Jun 2024 11:26 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
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-बरसात के लिए कितने तैयार हैं हम-
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नहीं सुधरी हालत, बरसात में फिर मुश्किलें बढ़ने के आसार
चक्कीमोड़ में पहाड़ी पर लगा डंगा, सड़क को मिली मात्र स्पोर्ट
तंबूमोड़ और सनवारा में प्रोटेक्शन कार्य ही हो पाया अभी पूरा
आदित्य सोफत
सोलन। कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 का वह मंजर अभी तक आंखों से ओझल नहीं हो रहा जब चक्कीमोड़ में पहाड़ी से आए मलबे के साथ सड़क भी पूरी तरह ढह गई थी। एक अगस्त 2023 की रात 2:30 बजे आवाजाही पूरी तरह से थम गई। वाहनों की हाईवे पर भीड़ लग गई। रोजमर्रा का सामान लाने वाले वाहन सड़क के दूसरी ओर रह गए। तेज बारिश में लोग सड़कों पर ही फंसे रहे और दो अगस्त का इंतजार करने लगे। सुबह तक सड़क के दोनों ओर सैकड़ों की संख्या में ट्रक और अन्य वाहन ही ट्रक दिखाई दिए।
ऐसा हाल करीब एक सप्ताह तक रहा। मशीन सड़क बनाने के लिए रास्ता बनाती कि फिर से हजारों टन मिट्टी सड़क पर एक दम आ जाती। सात दिन बाद रोशनी की किरण जगी और दोनों ओर वनवे सड़क निकाली गई। उसी दौरान पूरा हाईवे कई जगहों में बाधित हुआ। बरसात खत्म होने के बाद सड़क पर मरम्मत कार्य के लिए कई योजनाएं तैयार हुईं। लेकिन यह योजनाएं कागजों में दबी रह गईं। हालत 10 माह बाद भी कुछ ठीक नहीं हैं। परवाणू से सोलन के बीच कई जगहों पर डंगे लगने बाकी हैं। कई जगह सड़क बनाने के लिए नक्शे का इंतजार कंपनियां कर रही हैं। हालत न सुधरने पर आगामी दिनों में होने वाली बरसात में मुश्किलें बढ़ने के आसार हैं। चक्कीमोड़ में कई मीटर ऊंची पहाड़ी पर मात्र पांच मीटर का डंगा लगा कर इतश्री कर दी गई। जबकि सड़क के निचली ओर सपोर्ट के लिए सड़क पर डंगा लगाया है। इसी तरह के हाल सनवारा और तंबूमोड़ के हैं। वहां सड़क का एक हिस्सा ढह गया था। लेकिन अभी तक यहां पर भी प्रोटेक्शन वॉल ही एनएचएआई लगवा पाया है। जबकि एक अन्य जगह पर काम शुरू ही नहीं हुआ है। पट्टामोड़ के समीप सड़क पर आया मलबा भी नहीं हटाया है।
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इनसेट
पहाड़ पर पड़ी हैं दरारें
चक्कीमोड़ में पहाड़ पर करीब एक किलोमीटर के क्षेत्र में दरारें पड़ी हुई हैं। इससे बारिश के दिनों में यहां पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सड़क के ठीक पीछे सुरंग भी बनी है। इसके अलावा बिजली बोर्ड का एचटी लाइन टाॅवर भी है। इसके अलावा पहाड़ पर अभी भी कई जगह पत्थर अटके हुए हैं जो कभी भी सड़क पर आ सकते हैं।

इनसेट
जाइका और विशेषज्ञों की टीम ने किया था दौरा
परवाणू से सोलन तक आपदा का ऐसा कहर देखने को मिला था कि हाईवे किनारे कई घर भी ढह गए थे। कई घरों को खतरा मंडराने लग गया था। आपदा के बाद जाइका और विशेषज्ञों की टीम ने भी दौरा किया था। लेकिन इनकी रिपोर्ट कहां तक पहुंची है इस बारे कुछ पता नहीं है।

इनसेट
एसजेवीएन करेगा ड्राइंग तैयार
चक्कीमोड़ पर कार्य करने के लिए ड्राइंग और डिजाइन को सतलुज जल विद्युत प्रबंधन निगम (एसजेवीएन) तैयार करेगा। साथ ही कई जगहों पर कार्य भी नई कंपनी करेगी। एनएचएआई ने नई कंपनी को मिट्टी की जांच करवाने का जिम्मा दिया है। यह कार्य बीते दिनों ही पूरा होगा। इसके बाद ही डिजाइन और ड्राइंग तैयार की जाएगी

इनसेट
क्या कहते है लोग
एनएचएआई की देरी से लोग परेशान हो रहे हैं। अभी तक सड़क को सही तरह से तैयार नहीं किया गया है। हालात कुछ ठीक नहीं हैं।
-करण, निवासी कुमारहट्टी।
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इनसेट
इतनी लंबी पहाड़ी पर केवल पांच मीटर का डंगा लगाना अपने आप में सवाल खड़े कर रहा है। यह डंगा कैसे भूस्खलन को रोकेगा। जबकि सड़क के नीचे केवल प्रोटेक्शन के कार्य ही किए हैं।
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-अंकुर निवासी धर्मपुर
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एनएचएआई ने सड़क को तैयार करने की योजना में 10 माह लगा दिए हैं। अभी तक यह पता नहीं है कि यहां पर क्या बनाया जाएगा। मेटलिंग कर काम ही पूरा किया है।
-घनश्याम, निवासी चक्कीमोड़
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हाईवे पर बरसात में निकलना इस बार भी खतरे से खाली नहीं होगा। हालत कुछ ठीक नहीं है। पहाड़ियों पर पत्थर अटके हुए हैं जो कभी भी गिर सकते हैं।
-हर्ष निवासी धर्मपुर

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इनसेट
भविष्य को देखते हुए ड्राइंग भी तैयार की जाएगी। आगामी कुछ दिनों में मिट्टी की रिपोर्ट आने की उम्मीद है। इसके बाद चक्कीमोड़ में कार्य शुरू करवाया जाएगा।
-आनंद दहिया, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई
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