शहर में पानी की व्यावसायिक दरों में कटौती की जाएगी। यह फैसला शिमला में हुई हिमुडा बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में लिया गया। शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में व्यावसायिक प्लॉट्स को लीज होल्ड से फ्री होल्ड करने का फैसला भी लिया है। पानी की व्यावसायिक दरों में कटौती करते हुए तीन साल तक पानी के रेट न बढ़ाने का निर्णय भी लिया है।
परवाणू में रेहड़ी फड़ी वालों को स्थायी तौर पर बसाने के लिए हिमुडा की जमीन को नगर परिषद के नाम स्थानांतरित किया जाएगा। नप इस जमीन पर रेहड़ी फड़ी वालों को स्थायी बूथ बनाकर देगी। हिमुडा द्वारा परवाणू के हित में लिए गए इन फैसलों से जहां उद्योगपतियों को प्रापर्टी की फ्री होल्ड होने का फायदा मिलेगा वहीं स्थायी इंतजाम होने से रेहड़ी खोखा धारकों को उजड़ने का डर भी नहीं सताएगा। व्यावसायिक पानी की दरों में कटौती होने से कामर्शियल गतिविधियां चला रहे लोगों को भी पानी के भारी भरकम बिलों से छुटकारा मिलेगा।
गौरतलब है कि औद्योगिक नगरी परवाणू के यह तीनों अहम मुद्दे कई सालों से लंबित पड़े थे। इसका खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा था। इन मुद्दों को लेकर नगर परिषद परवाणू काफी समय से सक्रिय थी। नप परवाणू के अध्यक्ष ठाकुर दास शर्मा के नेतृत्व में नप ने इन मुद्दों को प्रदेश श्रम बोर्ड के अध्यक्ष बावा हरदीप सिंह, प्रदेश खाद्दी बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश चौहान और एचपीएसआईडीसी के डायरेक्टर गगन कपूर के समक्ष रखा था। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल इन समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और शहरी विकास मंत्री से भी मिला था। अब हाल ही में हिमुडा बीओडी मीटिंग में इन तीनों मुद्दों को हरी झंडी मिलने से परवाणू के लोगों को राहत मिली है।
रेहड़ी मार्केट के व्यापारी गदगद
बोर्ड की बैठक में स्थायी जमीन मिलने के बाद परवाणू की रेहड़ी मार्केट और अन्य स्थानों पर रेहड़ी के माध्यम से अपनी आजीविका कमा रहे वेंडर इस फैसले से गदगद हैं। रेहड़ी खोखा मार्केट वालों ने जल्द ही एक कार्यक्रम रखने का फैसला लिया है जिसमें उन सभी गणमान्य लोगों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने उन्हें स्थायी जमीन दिलाने में सहयोग किया है। गौरतलब है कि रेहड़ी फड़ी वाले सालों से सरकारी जमीन पर अपना काम धंधा चला रहे थे जिसके चलते हर समय उन पर उजड़ने की तलवार लटकी रहती थी। लेकिन नप को जमीन स्थानांतरित होने से उन्हें अब कोई नहीं उजाड़ पाएगा।