संस्कृत कॉलेज सोलन में एनएसएस शिविर के दौरान स्वयं सेवी जागरूक करते हुए। स्रोत: संस्थान
कोटलानाला तक गूंजे चिट्टा मुक्त हिमाचल के नारे, युवाओं को नशे की गर्त से बचाने का लिया संकल्प
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। तारिणी राजकीय स्नातकोत्तर संस्कृत महाविद्यालय सोलन की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के सात दिवसीय विशेष आवासीय शिविर के पांचवें दिन नशे के खिलाफ जोरदार हुंकार भरी गई। महाविद्यालय के स्वयंसेवियों ने शहर की सड़कों पर उतरकर लोगों को नशे, विशेषकर चिट्टे के घातक परिणामों के प्रति जागरूक किया। यूनिट प्रभारी आचार्य सुरेश भारद्वाज के नेतृत्व में सभी कार्यकर्ताओं ने महाविद्यालय परिसर से कोटला नाला तक एंटी चिट्टा रैली निकाली। इस दौरान चिट्टा मुक्त हिमाचल,चिट्टा मुक्त भारत के नारे लगाए गए। स्वयंसेवियों ने बैनर और नारों के माध्यम से संदेश दिया कि नशा न केवल स्वास्थ्य को बर्बाद करता है, बल्कि पूरे समाज की नींव हिला देता है। जागरूकता अभियान के दौरान स्वयंसेवियों ने बताया कि चिट्टा एक ऐसा जानलेवा नशा है, जिसमें फंसने के बाद युवा चाहकर भी बाहर नहीं निकल पाता। उन्होंने चिंता जताई कि नशे की पूर्ति के लिए युवा चोरी और अन्य अपराधों की ओर प्रवृत्त हो रहे हैं, जिससे कई परिवार उजड़ चुके हैं। रैली के माध्यम से लोगों से अपील की गई कि वे नशे के सौदागरों के खिलाफ एकजुट हों और प्रदेश को नशा मुक्त बनाने में अपना योगदान दें।