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Solan News: शराब ठेके का विरोध, ग्रामीणों ने निकाली रैली

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दभोटा में शराब के ठेके के विरोध में नारेबाजी करते हुए ग्रामीण- स्रोत –ग्रामीण। - फोटो : नगरपालिका-स्टेट बैंक मार्ग के बीच सड़क पर गिरा पड़ा पेड़। स्रोत संवाद
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नालागढ़ के दभोटा में सरकार व विभाग के खिलाफ की जमकर नारेबाजी
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ग्रामीण बोले, ठेका बंद नहीं हुआ तो पंचायत चुनाव का करेंगे बहिष्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। दभोटा के लोगों ने उनके गांव में खुले ठेके के विरोध में रैली निकाली। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार व विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर ठेका बंद नहीं किया तो आने वाले पंचायत चुनाव का ग्रामीण बहिष्कार करेंगे। अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी अजय ठाकुर के गांव दभोटा में शराब ठेके के खिलाफ ग्रामीणों का आंदोलन पिछले आठ महीनों से लगातार जारी है। सोमवार को गांव के जयपाल चंदेल, जिंदर पाल, संगत सिंह, कुल वर्ण सिंह, नारद सिंह, होशियार सिंह, भूपेंद्र सिंह, राम सिंह, जसबीर सिंह, गुरचरण सिंह, गुरप्रीत सिंह, गुरचरण, जसविंद्र सिंह, गुलजार सिंह, महिला मंडल की प्रधान सुषमा, तृप्ता देवी, सुमन, रविंद्र कौर समेत कई ग्रामीण दभोटा स्थित मंदिर परिसर में सुबह 11:00 बजे एकत्रित हुए। इसके बाद शराब के ठेके के विरोध में रोष रैली निकली गई। रैली को संबोधित करते हुए जिंदर पाल ने बताया कि नशे से उनके बच्चों और युवाओं का भविष्य बर्बाद हो जाएगा। अगर जल्द ठेका बंद नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। ग्रामीणों ने प्रशासन को गांव का पुराना इतिहास याद दिलाते हुए सचेत किया। हेमराज, जोगिंद्र सिंह और जयपाल चंदेल ने बताया कि करीब 30-40 साल पहले भी यहां ठेका खोलने पर भारी विवाद हुआ था, जिसमें हिंसक वारदातें और हत्या तक हो गई थी। उसके बाद ठेका हटा दिया गया था। अब फिर से मिलीभगत के जरिये इसे खोलकर गांव की शांति भंग की जा रही है। ग्रामीणों ने मार्च महीने के बाद ठेके की नीलामी नहीं होने देने और शांतिपूर्ण तरीके से ठेका हटाने की अपील की है। रैली को संबोधित करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि दभोटा गांव अपनी खेल प्रतिभा के लिए विश्व विख्यात है। यहां कबड्डी और कुश्ती की अकादमियां हैं, जहां सैकड़ों युवा देश का नाम रोशन करने के लिए पसीना बहाते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खेल के इस माहौल के बीच शराब का ठेका युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
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