गनोल पंचायत के बच्चों को अब पंचायत भवन में कक्षाएं नहीं लगानी पड़ेंगी। ग्रामीणों की मदद से अब स्कूल का अपना भवन तैयार होगा। पंचायत के लोगों ने भूमि दान करके आगामी पीढ़ी के लिए बेहतर और सर्व सुविधा संपन्न स्कूल बनाने की पहल की है। अब इंतजार है तो बस शिक्षा विभाग के नए भवन के काम शुरू करने का। लोगों ने काम जल्द शुरू करने की मांग की है।
कसौली तहसील के साथ लगती गनोल पंचायत के तहत राजकीय प्राथमिक स्कूल गनोल का भवन कई सालों से खस्ता हालत में है। बच्चे इसी भवन में पढ़ने को मजबूर हैं। यह स्कूल पिछले साठ वर्षों से चल रहा है, जिसमें कई गांवों के बच्चे शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। स्कूल भवन पुराना होने के कारण पंचायत के आह्वान पर विभागीय निरीक्षण के बाद स्कूल भवन को अनसेफ घोषित किया जा चुका है। गनोल पंचायत की प्रधान निर्मल शर्मा ने बताया कि आजकल स्कूली बच्चों को गनोल पंचायत भवन में क्लासें लगानी पड़ती हैं।
मौजूदा पंचायत गनोल की प्रधान निर्मल शर्मा और अन्य प्रतिनिधियों ने जमीन को स्कूल के नाम करवाने के लिए प्रयास किए। काफी जद्दोजहद के बाद भूमि मालिकों को भूमि दान करके स्कूल के नाम करने के लिए राजी किया और जमीन स्कूल के नाम करवाई।
इन्होंने दान की भूमि
हियुण गांवों के पलकराम शर्मा, सालगराम, देशराज, मोहनलाल, मधेराम, प्रेमदेई और शकुंतला देवी ने कसौली तहसील में भूमि शिक्षा जैसे पुनीत कार्य के लिए दान की है। इन लोगों की बदौलत अब बच्चे बढ़िया शिक्षा हासिल कर सकते हैं।
सरकार जल्द मुहैया करवाए धनराशि
पंचायत प्रधान निर्मल शर्मा, उपप्रधान पतराम, मनोहर लाल, कमलेश ठाकुर, मदन शांडिल और अमरदत सहित दर्जनों ग्रामीणों ने जिला प्रशासन तथा सरकार भवन को बनाने के लिए जल्द फंड मुहैया करवाने की मांग की है। कहा कि अब स्कूल के नाम जमीन हो चुकी है, इसलिए इसके निर्माण में देरी नहीं होनी चाहिए।