कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर परवाणू के टिंबर ट्रेल चौक पर वायाडक्ट ब्रिज का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस ब्रिज के दोनों छोर मिलने के बाद अब तारकोल बिछाने का कार्य शुरू हो गया है। यह कार्य 15 जनवरी तक पूरा हो जाएगा, जिसके बाद इसे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।
वायाडक्ट ब्रिज के निर्माण से टीटीआर चौक पर रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिल जाएगी। वहीं, शिमला से कालका जाने वाले वाहनों की आवाजाही ब्रिज से हो सकेेगी। इस काम को कंपनी की ओर से करीब डेढ वर्ष बाद पूरा किया जाएगा। यह ब्रिज 160 मीटर लंबा होगा और इसके लिए लगाए गए आरसीसी पिल्लर की ऊंचाई 25 मीटर है। अभी ब्रिज को दूसरे छोर तक मिला लिया गया है। अब इसे पिल्लरों पर बैठाने का कार्य चल रहा है।
कंपनी ने प्रथम चरण में परवाणू-सोलन फोरलेन का कार्य पूरा कर लिया है। जैसे ही वायाडक्ट ब्रिज का कार्य पूरा होगा, परवाणू-सोलन तक इसकी क्लीयरेंस रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। वहीं कंपनी आगामी पांच सालों तक फोरलेन का रखरखाव भी करेगी। नेशनल हाईवे पर शिमला से चंडीगढ़ की ओर इस वायाडक्ट ब्रिज को खोला जाएगा। पुल के ऊपर से सैलानी यहां नजारा निहार सकेंगे। इस ब्रिज पर आवाजाही वनवे होगी। चंडीगढ़ से शिमला आने वाले वाहन पुरानी सड़क से ही आएंगे।
खाई वाली जगह पर कारगर है वायाडक्ट
वायाडक्ट का निर्माण खाई वाली जगह पर होता है। इसके निर्माण के लिए जमीन के ऊपर आरसीसी पिल्लर खड़े किए जाते हैं। इसके बाद स्टील गार्डर लगाकर दोनों छोर मिलाए जाते हैं और सीमेंट कंक्रीट डाली जाती है। यह काफी मजबूत होता है।
वायाडक्ट ब्रिज पर चलेंगी दो लेन
ब्रिज का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। इसे 15 जनवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। इस पुल पर दो लेन चलेंगी। पुराने रोड को ठीक कर उस पर दो लेन चलेंगी। वर्तमान में तारकोल बिछाने का कार्य शुरू हो गया है।
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-बलविंद्र सिंह, प्रोजेक्ट अफसर, जीआर कंपनीI