नौणी विवि में फलदार पौधों की बंपर बिक्री, अब तक 2 हजार बागवानों ने खरीदे 52 हजार पौधे
15 दिसंबर से हुई बिक्री शुरू, पहले आओ-पहले पाओ पर मिल रहे पौधे
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन । डॉ. यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी और इसके विभिन्न केंद्रों में फलदार पौधों की वार्षिक बिक्री पूरे जोरों पर है। पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर 15 दिसंबर से शुरू हुई इस बिक्री प्रक्रिया में हिमाचल ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों के बागवान भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। अभी तक की बिक्री के आंकड़ों के अनुसार, करीब 2000 बागवानों को विभिन्न फलों की किस्मों के 52 हजार पौधे बेचे जा चुके हैं। बागवानों के बीच सेब की नई और उन्नत किस्मों के प्रति जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है। इसके अलावा जापानी फल, कीवी और अन्य गुठलीदार फलों की मांग में भी भारी वृद्धि दर्ज की गई है। नर्सरियों में सेब के साथ-साथ नाशपाती, खुमानी, आड़ू, चेरी, अखरोट, अनार और प्लम के पौधे भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
किन्नौर के बागवान ने खरीदे 21 हजार के पौधे
बिक्री के प्रति बागवानों के उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दूरदराज के क्षेत्रों से लोग नौणी पहुंच रहे हैं। सोमवार को किन्नौर जिले के मेंबर गांव से आए बागवान धीरज नेगी ने विश्वविद्यालय से 21,300 रुपये के 94 पौधे खरीदे। उनके द्वारा खरीदे गए पौधों में सेब के 50, जापानी फल के 10, कागजी अखरोट के 12 और कीवी के 22 पौधे शामिल हैं।