यात्रियों को धूप में झेलनी पड़ी परेशानी, टैक्सियों में होना पड़ा रवाना
डिपो की 80 में से 28 बसें खराब, 52 बसों के भरोसे चल रहे हैं 180 रूट
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के नालागढ़ डिपो में बसों की खस्ता हालत जनता के लिए जी का जंजाल बन चुकी है। बुधवार को निगम की लापरवाही और खटारा बसों के कारण यात्रियों को भीषण गर्मी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नालागढ़ से शिमला जाने वाली और शिमला से नालागढ़ आने वाली दोनों बसें बीच रास्ते में खराब हो गईं। इसके चलते यात्रियों को मजबूरी में महंगे निजी वाहनों और टैक्सियों का सहारा लेकर अपने गंतव्य की ओर जाना पड़ा।
बुधवार को नालागढ़ से शिमला (वाया रामशहर) रूट पर बस सुबह 9:15 बजे रवाना हुई थी। यह बस रामशहर से करीब 4 किलोमीटर पहले ही पहुंची थी कि अचानक खराब होकर खड़ी हो गई। चिलचिलाती धूप में यात्रियों को घंटों सड़क किनारे खड़ा रहना पड़ा। इसकी सूचना तुरंत नालागढ़ बस अड्डे को दी गई। प्रबंधन ने फैसला किया कि शिमला से आने वाली बस के जरिए इन यात्रियों को आगे भेजा जाएगा और नालागढ़ आने वाली सवारियों को दूसरी गाड़ी से लाया जाएगा। लेकिन निगम का यह प्लान भी फेल हो गया। शिमला से आने वाली बस भी रामशहर से 4 किलोमीटर पहले मटूली में खराब हो गई।
बस में सफर कर रहे यात्री कमला, किरण, माया, कमल किशोर नंबरदार, बगी देवी, रामजी दास, मनोहर, श्याम, पप्पू, चमन, सुभाष, सरोज कुमारी, सुमन देवी, डिम्पल, पवन कुमार, विक्की, मेहर चंद, नरेश कुमार, सूरज कुमार, जसवंत सिंह, नवीन, दिलीप सिंह और रामकरण ने कहा कि निगम की बदइंतजामी के कारण उन्हें भीषण गर्मी में परेशानी उठानी पड़ी और जेब ढीली कर निजी गाड़ियों का सहारा लेना पड़ा।
यात्रियों का कहना है कि इस रूट पर बसों का खराब होना आम बात हो गई है। 21 मई को नालागढ़-लुनस रूट पर शाम 5:30 बजे जाने वाली बस कुमारहट्टी में खराब हुई थी। 28 मई को दोपहर 12:00 बजे जाने वाली नालागढ़-कवारनी रूट की बस मित्तियां से एक किलोमीटर पहले ही खराब हो गई थी।