प्रधानाचार्य के पदोन्नती कोटे को लेकर पदोन्नत स्कूल प्राध्यापक संघ ने सीधी भर्ती वाले प्राध्यापक संघ को आड़े हाथ लिया है। पदोन्नत स्कूल प्राध्यापक संघ की बैठक में सीधी भर्ती वाले संघ पर प्रमोशन कोटे को लेकर गलत आंकड़े पेश करने के आरोप लगाए गए। कहा कि यह सब प्रधानाचार्य के पदोन्नती के कोटे को बदलने के लिए किया जा रहा है।
प्रदेश पदोन्नत स्कूल प्राध्यापक संघ की बैठक शुक्रवार सोलन में हुई। इसकी अध्यक्षता संघ के प्रधान बहादुर सिंह मेहता ने की। संघ के महासचिव महेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि संघ के प्रदेशाध्यक्ष अमरनाथ धीमान ने संघ की कार्यप्रणाली जानने के लिए दौरा किया। साथ ही सोलन के संघ के कार्यकारिणी और पदोन्नत अध्यापकों से वर्तमान समय में चल रही गतिविधियों तथा संघ द्वारा किए कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने पीजीटी से अनुरोध किया कि वह बढ़चढ़ कर संघ की सदस्यता ग्रहण करें।
बैठक में कहा कि सीधी भर्ती वाला प्राध्यापक संघ लगातार गलत आंकड़े देकर प्रधानाचार्य के पदोन्नति कोटे को बदलने का प्रयास कर रहा है, जो गलत है। इसके साथ ही मांग की गई कि पीजीटी पद्नाम को हटाकर पूर्व की तरह प्रवक्ता पद्नाम बहाल कर टीजीटी किया जाए। साथ ही पीजीटी पदोन्नत अध्यापकों को पदोन्नती की तिथि से ग्रेड-पे में वृद्धि करने की मांग शिक्षा विभाग और प्रदेश सरकार से की। इस मौके पर रूपलाल, कमल किशोर शर्मा, रमेश लाल, जेआर भारद्वाज, राजेश कुमार, अनिल वर्मा और दर्शन कुमार शर्मा मौजूद रहे।
95 प्रतिशत बनता है कोटा : प्रधान
स्कूल प्रवक्ता संघ के प्रधान डॉ. प्रदीप शर्मा ने कहा कि संख्या के हिसाब से सीधी भर्ती वाले प्राध्यापकों का कोटा 95 प्रतिशत बनता है। स्कूल प्राध्यापक संघ का कोटा 5 प्रतिशत बनता है। स्कूल लेक्चर एसोसिएशन के सदस्यों को उच्च शिक्षा का सही लाभ नहीं मिल रहा है। इस कारण संघ के सदस्यों का प्रमोशन भी रुक गया है।