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Solan News: परिवहन निगम ने शिमला ममलीग वाया सुबाथू-कुठाड़ का रूट घटाया

Sat, 27 Jan 2024 11:41 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
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सुबाथू तक आ रही बस, आठ पंचायतों के लोग यातायात सुविधा से वंचित
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स्थानीय लोगों ने बस सुविधा को दोबारा शुरू करने की उठाई है मांग

संवाद न्यूज एजेंसी

बरोटीवाला(सोलन)। प्रदेश परिवहन विभाग घाटे में चलने वाले रूटों को बंद करने में लग गया है। एचआरटीसी ने शिमला डिपो की शिमला से ममलीग वाया सुबाथू, कुठाड़ घड़सी बस सेवा को कम आय का हवाला देकर घड़सी में रात्रि ठहराव बंद कर दिया है। अब इसका रूट सुबाथू कर दिया है। निगम की इस तरह की कार्य प्रणाली पर क्षेत्र की एक दर्जन पंचायतों के लोग बस सुविधा से वंचित हो गए हैं। रूट छोटा होने से दून की जाड़ला, निचली गौंगरी, कोट, कृष्णगढ़, दाड़वा, जगजीत नगर, चंडी, मंधेसर व गोयला पंचायतों के लोगों को अब इस बस की सुविधा नहीं मिलेगी।

कृष्णगढ़ पंचायत के प्रधान कैलाश कुमार शर्मा, उप प्रधान पुष्पेंद्र कुमार, पूर्व प्रधान सूरत राम रनौत, रामनाथ वशिष्ठ ने बताया कि इस बस सेवा को रात्रि ठहराव के लिए मात्र सुबाथू तक करना दुर्भाग्यपूर्ण है। यह बस सेवा पिछले चालीस वर्षों से निरंतर चल रही है। इस बस का लाभ शिमला में नौकरी पेशा करने वाले कर्मचारियों के अलावा सुबह के समय बिलासपुर, चंडीगढ़ की ओर जाने वाले लोगों को भी मिलता था, लेकिन अब लोग इस सुविधा से वंचित हो गए है। निगम का यह निर्णय नया संगत नही है।
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वर्ष 1982 में यह बस सेवा शिमला से कुठाड़ तक शुरू हुई थी, उस समय इस बस का रात्रि ठहराव कुठाड़ में ही हुआ करता था। कुठाड़ व आसपास के गांव से दर्जनों कर्मचारी इस बस से शिमला ड्यूटी पर जाते थे। कुछ वर्षों बाद निगम ने लोगों के निवेदन के आधार पर इस बस का रात्रि ठहराव कुठाड़ से पांच किलो मीटर आगे मंधेसर में कर दिया, तब भी यह बस ड्यूटी टाइम तक कर्मचारियों को शिमला पहुंचा देती थी। लेकिन उसके बाद सता बदलने से इस बस का रात्रि ठहराव मंधेसर से बदलकर घड़सी कर दिया गया, लेकिन जब जब भी प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ तब तब इस बस के रात्रि ठहराव के गंतव्य को बदल दिया गया, जिससे निगम के स्टाफ के अलावा इस बस में सफर करने वाले लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

लेकिन, अब निगम की ओर से घाटे का हवाला देकर इस बस को सिर्फ सुबाथू तक करने से क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई है। कृष्णगढ़ उप तहसील से सुबह के समय यही एक मात्र सरकारी बस सेवा थी। पंचायत के लोगों ने प्रस्ताव प्रेषित कर इस बस का रात्रि ठहराव कुठाड़ तक करने की मांग की है।
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शिमला परिवहन निगम के डिपो क्षेत्रीय प्रबंधक अंकुर वर्मा ने बताया कि निगम ने इस बस रूट का जैक पोर्ट सर्वे करवाया है, उससे यह ज्ञात हुआ है कि इस बस की आय मात्र 15 से 16 रुपये प्रति किलोमीटर है, वहीं सुबाथू से घड़सी के लिए इसमें कोई भी सवारी नही बैठती। लिहाजा घाटे में चल रहे रूट बंद किए जा रहे हैं। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि इस बस को मात्र कुठाड़ तक चलाने पर विचार किया जाएगा। लेकिन यह दुबारा एक और सर्वे करवाने के बाद ही सुनिश्चित होगा।
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