संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट (सोलन)। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जीवा परियोजना के तहत गांव फगवाना में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में आंध्र प्रदेश से आए प्राकृतिक खेती विशेषज्ञ हरि कृष्णा ने किसानों को प्री-मानसून ड्राई सोइंग सूखे मौसम में बीज बोने के लिए सीड बॉल तैयार करने की विधि सिखाई। सीड बॉल तकनीक के माध्यम से किसान बीज को मिट्टी और जैविक पदार्थों के साथ लपेट कर जमीन पर डालते हैं। इससे बीज की अंकुरण क्षमता बढ़ती है और सिंचाई पर निर्भरता कम होती है। विशेषज्ञों ने बताया कि यह तकनीक विशेष रूप से कम बारिश वाले क्षेत्रों में बेहद कारगर सिद्ध हो रही है। शिविर में किसानों को कीटों से बचाव के लिए प्राकृतिक तौर पर तैयार की जाने वाली आग्नेयास्त्र दवा बनाने की विधि भी सिखाई गई। यह दवा नीम, लहसुन, अदरक और मिर्च जैसे प्राकृतिक तत्वों से तैयार की जाती है, जो रासायनिक कीटनाशकों का एक सुरक्षित विकल्प है। अंबुजा फाउंडेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक भूपेंद्र गांधी ने कहा जलवायु परिवर्तन के इस दौर में किसानों को नई और टिकाऊ तकनीकों को अपनाना बेहद जरूरी है।