कालका से शिमला जा रही हिमालय क्वीन 52455 अप पैसेंजर ट्रेन सोलन स्टेशन से कुछ दूरी पर ही शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे खराब हो गई। इस कारण करीब एक घंटे तक ट्रैक पर आवाजाही बंद होने के बाद कंडाघाट से दूसरा इंजन मंगाकर जोड़ा गया। उसके बाद ट्रैक पर यातायात बहाल हो सका। इस दौरान सवारियों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। कुछ यात्री सड़क मार्ग से गंतव्य की ओर रवाना हुए। चालक ने खराबी का कारण इंजन का शाफ्ट टूटना बताया है।
रेल विभाग के मुताबिक यह ट्रेन कालका से दोपहर करीब 12.20 बजे रवाना हुई थी। इस दौरान सोलन से कुछ दूरी पहले ही तकनीकी खराबी के कारण अचानक रूक गई। इस दौरान कुछ यात्री सड़क तक आए और बस से शिमला पहुंचे।
यात्रियों में रामनारायण, मनोहर लाल, प्रवीण कुमार, भगत सिंह, राम बिलास ने कहा कि वह ट्रेन से कालका-शिमला सफर का रोमांच लेने घर से निकले थे, लेकिन सोलन के पास ही ट्रेन खराब हो गई। उन्होंने बताया कि दोपहर 12.20 बजे कालका से ट्रेन रवाना हुई थी और शाम 5 बजे शिमला पहुंचने का समय था।
सवारियों का कहना था कि कालका-शिमला रेल मार्ग को हेरिटेज का दर्जा मिलने के बाद जहां लोग बडे़ उत्साह से इसमें सफर करते हैं। अब इसमें सफर करना जोखिम भरा होता जा रहा है। कुछ माह पूर्व ही परवाणू के समीप ट्रेन के कुछ डिब्बे पटरी से उतर गए थे, जिसमें विदेशी सैलानियों की मौत हो गई थी। उसके बाद रास्ते में ट्रेन का इस तरह खराब होना आम बात है। अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो धीरे-धीरे लोग इसमें सफर करना बंद कर देंगे जिससे रोमांच भरा सफर खत्म हो जाएगा।
बताया जा रहा है कि इंजन एकदम नया था। करीब एक साल पहले ही इसे ट्रैक पर उतारा गया था। अचानक इंजन का शाफ्ट का टूट जाना कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है। लिहाजा रेल विभाग को सुरक्षा के मानकों पर खास ध्यान देना चाहिए। उधर, रेल विभाग के अधिकारी इस पर टिप्पणी करने से बचते रहे।