सांस्कृतिक कार्यक्रम समिति की हुई बैठक
अतिरिक्त उपायुक्त अजय यादव ने की बैठक की अध्यक्षता
सांस्कृतिक संध्या में स्थानीय कलाकारों को देंगे प्राथमिकता
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। मां शूलिनी मेले में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों को पारंपरिक परिधान में ही मंच पर प्रस्तुति देनी होगी। साथ ही कार्यक्रम में स्थानीय और उभरते कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी। सोमवार को राज्य स्तरीय मां शूलिनी मेले के लिए गठित सांस्कृतिक कार्यक्रम समिति की बैठक हुई। अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष एवं अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार यादव ने की। इस दौरान मेले में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि मां शूलिनी मेले की प्रथम बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार इस वर्ष मेले की सांस्कृतिक संध्याओं में स्थानीय लोक संस्कृति और उभरते हुए कलाकारों को बड़े स्तर पर प्रोत्साहित किया जाएगा। संगीत अथवा नृत्य विधा में पारंगत कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस बारे में उन्हें अपने आवेदन के साथ संबंधित कला और विधा के बारे में जानकारी प्रदान करनी होगी। समिति ने मुख्य कलाकारों के चयन के लिए सुविख्यात एवं नए कलाकारों को सूचीबद्ध करने पर भी चर्चा की। इसके अतिरिक्त लोक वाद्यों एवं लोक नृत्य करियाला की प्रस्तुति की संभावनाएं तलाशने के लिए जिला भाषा, कला संस्कृति अधिकारी को निर्देश दिए गए। बैठक में सहायक आयुक्त विवेक शर्मा, उप निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. जगदीश चंद नेगी, जिला भाषा संस्कृति अधिकारी ममता, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर हिमांशु शर्मा सहित समिति समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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स्कूलों को भी दिया जाएगा मौका
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि शिक्षा विभाग के माध्यम से जिला एवं राज्य स्तर पर स्कूली सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीम को कार्यक्रम प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा। उन्होंने विभाग के माध्यम से विभिन्न जिलों में आयोजित सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी आमंत्रित करने के निर्देश दिए। वहीं, सोलन जिला और अन्य जिलों के नवोदित लोक कलाकारों का चयन ऑडिशन के माध्यम से किया जाएगा।