कंडाघाट के समीप टमाटर प्रसंस्करण इकाइयों का स्वास्थ्य मंत्री ने किया शुभारंभ
रोजाना 500 किलो प्यूरी होगी तैयार, 2105 महिलाओं की आर्थिकी होगी सुदृढ़
निजी विश्वविद्यालय के सहयोग से तैयार किया गया एप, ऑनलाइन बिकेगा उत्पाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कंडाघाट (सोलन)। नया सवेरा मॉडल क्लस्टर लेवल फेडरेशन ढेडघराट व नया सवेरा संकुल स्तरीय संघ बसाल के तहत स्थापित टमाटर प्यूरी इकाइयां शुरू हो गई हैं। वीरवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने शुभारंभ किया। इन इकाइयों के शुरू होने से क्षेत्र की लगभग 2,105 महिलाओं की आर्थिकी सुदृढ़ होगी।
मंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों को बधाई देते हुए कहा कि यह उद्यम स्थानीय किसानों के लिए वरदान साबित होंगे और महिलाओं को रोजगार व स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर प्रदान करेंगे। इस केंद्र के साथ क्षेत्र की ग्राम पंचायत मही, क्वारग व बीशा के 33 स्वयं सहायता समूहों की 255 महिलाएं जुड़ी हैं। इस केंद्र में कृषि उत्पाद प्रसंस्करण के लिए 13 मशीनें स्थापित की गई हैं, जिस पर 39 लाख 25 हजार रुपये की लागत आई है। इसके अलावा सलोगड़ा केंद्र में नया सवेरा आदर्श संकुल स्तरीय संघ बसाल के तहत ग्राम पंचायत मशीवर, जौणाजी, सेरी, शमरोड़, नौणी, ओच्छघाट, शामती, सपरून, आंजी, डांगरी, तोप की बेड़, देवठी, बसाल, धरोट, पड़ग और सलोगड़ा के 200 स्वयं सहायता समूहों की 1,850 महिलाएं जुड़ी हैं। यहां भी 13 मशीनें स्थापित की गई हैं और इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भी 39 लाख 25 हजार रुपये की है।
रोजाना 500 किलो प्यूरी होगी तैयार
इन इकाइयों में शुरुआती चरण में प्रतिदिन 500 किलो टमाटर प्यूरी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर टमाटर की खपत और उसकी मांग में बढ़ोतरी होगी। खास बात यह है कि निजी विश्वविद्यालय के सहयोग से एक विशेष मोबाइल एप भी तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से इन उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री की जाएगी।
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मशीनों के माध्यम से उत्पादों की सफाई, छंटाई, धुलाई, कटाई, पिसाई, पकाने और पैकिंग की जाएगी। यहां टमाटर प्यूरी के अलावा टमाटर कैचअप, जैम और अन्य खाद्य उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे। पैकेजिंग, लेबलिंग और ब्रांडिंग कर उन्हें बेहतर बाजार तक पहुंचाया जाएगा ताकि किसानों व महिलाओं को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
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ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत मिली सौगात
इन टोमेटो प्यूरी इकाइयों को प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से संचालित हिमाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्थापित किया गया है। इन्हें महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना के तहत संचालित किया जा रहा है।