भाजपा की संयुक्त संगठनात्मक एवं टिफिन बैठक में संगठन को मजबूत करने पर चर्चा
संगठन मंत्री बोले, मेरा बूथ-सबसे मजबूत की अवधारणा ही भाजपा संगठन की असली ताकत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भाजपा के झंडूता और शाहतलाई मंडलों की संयुक्त संगठनात्मक एवं टिफिन बैठक रविवार को झंडूता में हुई। बैठक में दोनों मंडलों के पदाधिकारी, ग्राम केंद्र व बूथ अध्यक्ष बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
बैठक में मुख्य वक्ता के रूप में भाजपा के प्रदेश संगठन मंत्री सिद्धार्थन ने कार्यकर्ताओं को संगठन की मजबूती और जनसेवा के लिए जरूरी रणनीतियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मेरा बूथ-सबसे मजबूत की अवधारणा ही भाजपा संगठन की असली ताकत है। बूथ और ग्राम केंद्र अध्यक्ष जनता तक पार्टी की नीतियों और योजनाओं को पहुंचने वाले सच्चे सिपाही हैं। सिद्धार्थन ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि झूठ और फरेब की राजनीति करने वाली यह पार्टी केवल सत्ता हासिल करना चाहती है, जबकि भाजपा ने हमेशा सेवा, सुशासन और विकास को धरातल पर उतारा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे प्रदेश सरकार की गारंटियों को तथ्यों के साथ लोगों तक पहुंचाएं और कांग्रेस मुक्त हिमाचल का संकल्प पूरा करने में भूमिका निभाएं। झंडूता के विधायक जीतराम कटवाल ने कहा कि भाजपा का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रवादी विचारधारा के साथ विकसित और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से बढ़ रहा है। कहा कि हर घर स्वदेशी अभियान से स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिल रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं।
विधायक ने कार्यकर्ताओं से अनुशासन, समर्पण और एकजुटता के साथ काम करने का आह्वान किया और कहा कि भाजपा संगठन को मजबूत बनाकर केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाएं। बैठक में झंडूता मंडल अध्यक्ष रसम सिंह चंदेल और शाहतलाई मंडल अध्यक्ष रामप्रकाश शर्मा समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
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स्टील सस्पेंशन ब्रिज का निरीक्षण
बैठक के बाद सिद्धार्थन और जीतराम कटवाल ने पनौल-जेजवीं मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड पर निर्माणाधीन प्रदेश के सबसे बड़े स्टील सस्पेंशन ब्रिज नंद-नगरांव का निरीक्षण किया। लगभग 57 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस पुल के दोनों छोर आपस में जुड़ चुके हैं। विधायक ने कहा कि यह पुल तकनीकी कौशल का अद्भुत नमूना है। पुल बनने से कोटधार क्षेत्र की दूरी झंडूता से लगभग 20 किलोमीटर कम हो जाएगी। साथ ही कांगड़ा और हमीरपुर से चंडीगढ़ की दूरी भी लगभग 60 किलोमीटर सिमट जाएगी। उनका कहना है कि पुल का निर्माण युद्धस्तर पर जारी है और जल्द ही इसे जनता को समर्पित किया जाएगा।