नालागढ़ के झिड़ीवाला में आयोजित भागवत कथा का श्रवण करते भक्तगण। संवाद
झिड़ीवाला में चल रही है श्रीमद्भागवत कथा में सुनाया प्रसंग
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। झिड़ीवाला में कार्तिक मास के उपलक्ष्य में करवाई जा रही श्रीमद्भागवत कथा में कथाव्यास नीलकंठ कौशल महाराज ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और गोवर्धन पूजा के प्रसंग विस्तार से सुनाया। संजीव कुमार वर्मा, तरसेम लाल, श्रवण कुमार, कुलवंत सिह, रमेश कुमार आदि यजमानों ने दीप प्रज्वलन करके कथा का शुभारंभ किया। भगवान कृष्ण को 56 भोग लगाए गए।
प्रवचनों के दौरान कथावाचक नीलकंठ कौशल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने पृथ्वी पर धर्म और सत्य की पुन: स्थापना के लिए द्वापर युग में अवतार लिया। उन्होंने बाल्य अवस्था में ही कालिया नाग का मर्दन करके यमुना जी को पवित्र किया, पूतना एवं वकासुर आदि मायावी शक्तियों का अंत किया। इसके बाद गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि भगवान ने इंद्र का घमंड को तोड़ने के लिए लोगों को गोवर्धन पर्वत की पूजा के लिए लोगों को तैयार किया था जिससे क्रोधित होकर इंद्र में मूसलाधार बारिश कर दी थी तो भगवान कृष्ण ने अपनी सबसे छोटी उंगली कर गोवर्धन पर्वत की उठाकर गोकुल वासियों को शरण दी थी। कथा में गोवर्धन पर्वत की कृत्रिम आकृति झांकी के माध्यम से दर्शाई गई।
आरती के बाद सभी के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई थी। कथा 11 नवंबर से हो रही है। 17 नवंबर को पूर्णाहुति होगी। कथा सुबह 11:00 से दोपहर 3:00 बजे तक हो रही है। पूर्णाहुति के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।