आरटीआई से हुआ खुलासा, हंडूर पर्यावरण मित्र सभा ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ के पलासड़ा स्थित एक दवा कंपनी में पर्यावरण नियमों की अनदेखी को लेकर विवाद गहरा गया है। हंडूर पर्यावरण मित्र सभा ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी और नियंत्रण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सभा का आरोप है कि बोर्ड के पास पिछले तीन वर्षों का एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग डाटा उपलब्ध नहीं है, जिससे क्षेत्र की वायु गुणवत्ता और जनता के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। हंडूर पर्यावरण मित्र सभा के सदस्य धर्मेंद्र सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि उन्होंने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत विभाग से जानकारी मांगी थी। खुलासे में पता चला कि बोर्ड के पास कंपनी की मॉनिटरिंग रिपोर्ट, फॉर्म-V और एनवायरमेंटल स्टेटमेंट का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अनिवार्य पर्यावरण डाटा ही मौजूद नहीं है, तो बोर्ड कंपनी की गतिविधियों पर निगरानी किस आधार पर कर रहा है?। सभा ने आरोप लगाया कि यह लापरवाही केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र की पर्यावरण सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। सभा ने मांग की है कि पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की जाए। अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो। प्रदूषण से संबंधित डाटा को आम जनता के लिए सार्वजनिक किया जाए। सभा ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई, तो वे इस मामले को उच्च स्तर पर ले जाने के लिए बाध्य होंगे।
रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध : बोर्ड
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन आरोपों को सिरे से नकारा है। बोर्ड के अधिशासी अभियंता अतुल परमार ने बताया कि कंपनी के प्रदूषण से संबंधित सारा डाटा ऑनलाइन उपलब्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी की समय-समय पर मॉनिटरिंग की जाती है और विभाग के पास इसका पूरा डिजिटल रिकॉर्ड मौजूद है।