संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। होली पर्व को लेकर इस बार बाजार में अधिकतर हर्बल रंग देखने को मिल रहे हैं। स्वयं निर्मित रंगों की भी अधिक बाजार में मांग है। वहीं पिचकारियों की नई-नई वैरायटी बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध है। इस बार पाउडर रंग से लेकर स्प्रे पंप की तर्ज पर पिचकारी की काफी मांग है। लोग भी इस बार दुकानदारों से केमिकल रंगों को पूरी तरह से नकार दिया है। वहीं चाइनीज रंग भी बाजार में नहीं आए हैं। इससे एलर्जी जैसे बीमारियां भी कम होने की संभावना है। इस बार टैंक पिचकारी बच्चों को खूब पसंद आ रही है। अधिकतर दुकानदार भी इस बार चाइनीज पिचकारियों के जगह विदेशी पिचकारियों को बेच रहे हैं। पिचकारियों के दाम इस बार सामान्य ही है। बच्चों की पसंदीदा छोटी-बड़ी पिचकारी बाजार में 30 से 1000 रुपये तक बेची जा रही है। दुकानों में रंगों का त्योहार मनाने के लिए विभिन्न तरह की पिचकारियां रखी गई हैं। इस वर्ष भी बच्चों के लिए बाजार में पिचकारी की अलग-अलग किस्में पहुंची है। बाजार में स्पाइडर मैन, स्टैन गन, छोटा भीम, डोरेमोन, शिनचैन, नोबिता, शिजुका जैसी आकर्षित पिचकारियां रखी गई है।