परिजनों का दावा, ऑपरेशन के बाद ओटी में अचेत अवस्था में पड़ी हुई थी महिला
रेफर करने के बाद महिला के मुंह से निकल रहा था खून
योगेश शर्मा
अर्की(सोलन)। नागरिक चिकित्सालय अर्की में ऑपरेशन के बाद महिला की मृत्यु पर परिजनों ने प्रशासन और सरकार से जांच की मांग उठाई है। परिजनों का आरोप है कि महिला की मृत्यु ऑपरेशन के दौरान हो गई थी, लेकिन चिकित्सकों की ओर से साइलेंट अटैक का हवाला देकर मरीज को रेफर करने की बात उनके हलक से नहीं उतर रही है। दरअसल पथरी की शिकायत लेकर आई महिला का ऑपरेशन बुधवार को हुआ, जिसके चलते उसे मंगलवार को अस्पताल में एडमिट किया गया था।
महिला सीमा देवी के दामाद दिनेश कुमार ने बताया कि उनकी सास का अर्की नागरिक अस्पताल अर्की में पथरी का ऑपरेशन होना था। वह अस्पताल में थोड़ा देर से पहुंचा, तब तक उसकी सास को ऑपरेशन थियेटर में ले गए थे। दोपहर करीब 1:30 बजे डॉक्टरों ने उन्हें अंदर बुलाया तो वह भी अंदर चला गया। उसने देखा की उसकी सास अचेत अवस्था में पड़ी हुई थी।
इसके बाद डॉक्टरों ने उसे साइलेंट अटैक बताया और आगामी इलाज के लिए आईजीएमसी शिमला को रेफर कर दिया। इसके बाद वह अपनी सास को एंबुलेंस से आईजीएमसी शिमला ले गया। जहां डॉक्टरों ने उसकी सास की जांच करते ही मृत घोषित कर दिया। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान साथ रहे बजीवण (भूमती) गांव के बीएसएनएल से सेवानिवृत्त कर्मचारी नित्यानंद ने बताया कि बीते बुधवार सुबह वह अर्की में मौजूद थे, तो इस दौरान उसे सीमा देवी का फोन आया कि वह अपनी पथरी के ऑपरेशन के लिए अर्की आ रहे हैं, उसे बहुत घबराहट हो रही है, वह भी उनकी मदद के लिए उनके साथ अस्पताल चल पड़े। यह सुनकर वह उनकी मदद के लिए उनके साथ अस्पताल पहुंचा। अस्पताल में लगभग 3 घंटे बाद दोपहर करीब 2:00 बजे उन्होंने बीमार महिला को स्ट्रेचर पर अस्पताल के बाहर ले जाते हुए देखा। महिला का मुंह खून से लथपथ था, उसके मुंह में एक पाइप भी लगी हुई थी। डॉक्टरों ने उसे पीजीआई शिमला रेफर करते हुए कहा कि इनको साइलेंट अटैक पड़ा है। इसका उपचार करने के लिए आईजीएमसी शिमला रेफर किया जा रहा है।
इस दौरान जब उसने अचेत महिला के हाथ पैर छुए तो वह बिल्कुल ठंडे पड़ चुके थे। जब वह आईजीएमसी शिमला में डॉक्टरों ने उसकी जांच करते हुए कहा कि महिला की मौत हुए करीब दो घंटे हो चुके हैं। इसके बाद उन्होंने महिला के पोस्टमार्टम के लिए मना कर दिया। उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों पर उन्हें गुमराह करते हुए आईजीएमसी शिमला भेजने का संगीन आरोप लगाया है।
पत्नी की मौत के बाद पूरी तरह से टूट चुके पति हंसराज ने कहा कि वह बीते माह पत्नी को पत्थरी के इलाज के लिए अर्की अस्पताल में ले गया था, लेकिन बीपी अधिक होने की वजह से डॉक्टर ने ऑपरेशन से मना कर दिया था। डॉक्टर ने उसे पथरी के ऑपरेशन के लिए डेट दी थी। जिस पर वह अपनी पत्नी को घर से सामान्य हालत में अर्की अस्पताल ले गया था। जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन के दौरान बरती गई लापरवाही से उसकी पत्नी की जान चली गई। हंसराज ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। उधर, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल की ओर से दिए गए बयान पर लोगों ने रोष प्रकट किया है। संवाद