नालागढ़ में हिमफेड की सोसायटी के बाहर खाद लेने को लगी लाइन। संवाद
नालागढ़(सोलन)। नालागढ़ के हिमफेड की सोसायटी में कई दिन के बाद खाद तो आई लेकिन एक घंटे में ही समाप्त हो गई। नालागढ़ से 13 हजार बैग की डिमांड भेजी थी। लेकिन उनके पास 960 बैग आए। जोकि ऊंट के मुंह में जीरे के साबित हुए। किसान कतारों में ही लगे ही रह गए। खाद समाप्त होने के बाद किसान हिमफेड के कार्यालय से जाकर खाद लेकर आए। किसानों का कहना है कि जब उन्हें जरूरत होती है तो खाद मिलती नहीं है और जब समय निकल जाता है तो खाद डालने से कोई फायदा नहीं होता जिससे उनकी फसल प्रभावित हो रही है।
किसान हर रोज दफ्तरों के बाहर लंबी-लंबी कतारों में खड़े होते हैं लेकिन अंत में अधिकारी कहते हैं कि आज खाद नहीं आई और और आप कल आइए। किसान लगातार पिछले 15 दिनों से दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं ऐसे में उनके खासा रोष है। किसानों का कहना है कि यूरिया खाद न मिलने के चलते सैकड़ों बीघा जमीन पर खड़ी फसल बर्बादी की कगार पर आ चुकी है। पिछले चार-पांच सालों से लगातार इसी तरह से यूरिया खाद समय पर नहीं मिलती है और उनकी फसलें बर्बाद हो जाती है। सरकार समय रहते यूरिया खाद उपलब्ध करवा दें अन्यथा किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन पर खड़ी फसल तबाह हो जाएगी।
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किसानों को मुहैया करवाए खाद
पहले बीबीएन के किसान यूरिया खाद व अन्य कीटनाशक दवाइयां पंजाब हरियाणा एवं चंडीगढ़ के आसपास के इलाकों से खरीद लेते थे लेकिन अब इस बार यूरिया खाद न पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ में मिल रही है जिसके चलते पूरी फसलें बर्बाद होने की कगार पर आ चुकी है किसानों ने हिमाचल प्रदेश सरकार से जल्द यूरिया खाद को उपलब्ध करवाने की मांग उठाई है। किसान सभा के राज्य महासचिव नरेश घई ने कहा कि जब किसानों को खाद समय पर नहीं मिलेगी तो फसल कहां से होगी। सरकार किसानों को मौके पर खाद मुहैया कराए।
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कंपनी ही कम कर रही खाद सप्लाई
हिमफेड के नालागढ़ कार्यालय के संचालक अमीर खान और गौरव ने बताया कि उन्होंने पिछले माह 13 हजार बैग की डिमांड भेजी थी। लेकिन शनिवार को उनके पास 960 बैग आए। जिसे उन्होंने पीर स्थान, नालागढ़, मलपुर और रेहड़ू को भेज दिया था। लेकिन अकेले नालागढ़ में पांच हजार बैग की मांग थी। वहां मात्र 240 बैग गए तो 260 किसानों को उन्होंने अपने कार्यालय से खाद दिलाई। कंपनी से सप्लाई कम आने से यह समस्या आई है।