कुनिहार में आयोजित श्री द्वादश ज्योतिर्लिंग कथा के दूसरे दिन मौजूद भक्तगण। स्रोत : आयोजक
कुनिहार में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की रही भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार(सोलन)। तुलसी कुटीर आनंद आश्रम में आयोजित सात दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव एवं संत सम्मेलन का दूसरा दिन भक्तिमय रहा। इस दौरान आचार्य भगत राम नड्डा ने श्री द्वादश ज्योतिर्लिंग कथा का वर्णन किया। कथा श्रवण के लिए दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आश्रम पहुंचे।
आचार्य नड्डा ने महादेव की महिमा बताते हुए भगवान शिव की कृपा, तप और भक्ति का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव अपने भक्तों पर सदैव कृपा बरसाते हैं। सच्चे मन और अटूट श्रद्धा से की गई आराधना से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं। कथा व्यास ने द्वादश ज्योतिर्लिंग कथा के माध्यम से मानव जीवन को प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, विश्वास और ईश्वर के प्रति अटल आस्था बनाए रखनी चाहिए। अहंकार का त्याग कर भगवान शिव का स्मरण करने से जीवन में सुख और शांति आती है। कथा के दौरान श्रद्धालु भगवान शिव के भजनों पर झूम उठे। पूरे आश्रम परिसर में 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष गूंजते रहे।
आश्रम प्रबंधन समिति ने महोत्सव के दैनिक कार्यक्रमों की जानकारी दी। समिति के अनुसार, प्रतिदिन दोपहर 12 से 3 बजे तक कथा, संत प्रवचन और भजन-कीर्तन होते हैं। महोत्सव में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर लाभ प्राप्त कर रहे हैं। कथा के समापन पर सामूहिक आरती हुई और सभी को प्रसाद वितरित किया गया।