रामशहर के सलगुआ बहरोटा में कथा श्रवण करते श्रद्धालुस्रोत:आयोजन समिति
रामशहर (सोलन)। रामशहर के निकट वर्ती गांव सलगुआ बहरोटा के प्राचीन शिव मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का चौथा दिन शनिवार को संपन्न हुआ। कथा व्यासपीठ विक्रांत शर्मा ने कृष्ण जन्मोत्सव के प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया। विक्रांत शर्मा ने बताया कि कंस के पाप बढ़ने पर देवताओं ने भगवान से प्रार्थना की। भगवान ने कहा कि वे देवकी के आठवें गर्भ के रूप में अवतार लेंगे। कंस ने देवकी को मारने की कोशिश की, लेकिन वसुदेव ने कहा कि बहन का क्या कसूर है, इसकी सभी संतानें तुम्हें सौंप दूंगा। इसके बावजूद कंस ने पहले छह बच्चों की हत्या कर दी। सातवें गर्भ में शेषनाग आए, जिन्हें भगवान के आदेश से माया द्वारा रोहिणी के गर्भ में प्रतिस्थापित किया गया। आठवें गर्भ के रूप में भगवान स्वयं देवकी के गर्भ में जन्मे। कथा का समय प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से सायं 4.30 बजे तक निर्धारित किया गया है। कथा का पूर्णाहुति 11 मार्च को होगी, जब मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।