दयारशघाट में कथा के दौरान मौजूद महिलाएं। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। चामत भड़ेच पंचायत के दयारशघाट में चल रही श्रीराम कथा व शतचंडी महायज्ञ में तीसरे दिन आचार्य राहुल शर्मा ने श्रीराम जन्म का प्रसंग सुनाया। आचार्य ने बताया कि पृथ्वी पर जब-जब असुरों का अत्याचार बढ़ा, तब-तब भगवान ने अवतार लेकर उनका संहार किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या के राजा दशरथ ने पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ किया, जिसके प्रसाद से उनकी तीनों रानियां कौशल्या, सुमित्रा और कैकेयी गर्भवती हुईं। इसके फलस्वरूप चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को श्रीराम का जन्म हुआ। राम के साथ लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का जन्म भी हुआ, जो भगवान के अंश थे। आचार्य ने राम के सूर्यवंशी होने की भी जानकारी दी। कथा के दौरान पंडाल भक्तिमय हो उठा और उपस्थित लोगों ने श्रीराम के जयकारे लगाकर माहौल को और गरिमामय बना दिया। कथा में आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों लोग पहुंचे। इसके बाद भंडारे का भी आयोजन किया गया।