महुआ में शिव पार्वती विवाह के प्रसंग पर नाचते श्रद्धालु स्रोत: मंदिर कमेटी
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ से सटे पहाड़ी क्षेत्र के महुआ में माता जालपा मंदिर में चल रही शिवमहापुराण कथा के नौवें दिन व्यासपीठ आचार्य मदन लाल दुर्वासा ने शिव पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि माता सती भगवान शिव के मना करने के बावजूद बिना निमंत्रण के अपने पिता दक्ष के यज्ञ में चली गई। वहां पर उन्होंने भगवान शिव के अपमान से दुखी होकर यज्ञ कुंड में कूद कर खुद को भस्म कर लिया। अगले जन्म में उन्होंने हिमालयराज और मैना के घर में पार्वती के रूप में जन्म लिया। बचपन से ही पार्वती ने भगवान शिव को प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या की। उसके माता पिता में बहुत समझाया कि शिव तो भूतों के साथ कैलाश पर रहता है किंतु पार्वती की जिद के आगे झुकना पड़ा और भगवान शिव से विवाह तय कर दिया। शिव शरीर पर भस्म रमा कर नंदी पर सवार बारात लेकर आए तो साथ में भूत प्रेत भी आए।