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Solan News: दिव्यांग बच्चों की पहचान जितनी जल्दी, उपचार उतना ही प्रभावी

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गणपति एजुकेशनल सोसाइटी कुनिहार की ओर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान मोजूद लोग व अन्य। संवाद
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गणपति एजुकेशनल सोसायटी कुनिहार ने दिव्यांगता पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार (सोलन)। गणपति एजुकेशनल सोसायटी कुनिहार ने दिव्यांगता के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बढ़ते कदम नामक कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन राष्ट्रीय न्यास के तहत आने वाली चार प्रमुख दिव्यांगताओं, बौद्धिक अक्षमता, स्वलीनता (ऑटिज्म), मस्तिष्क पक्षाघात और बहु-दिव्यांगता के बारे में प्रतिभागियों को विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में सीआरसी सुंदरनगर के पुनर्वास अधिकारी डॉ. प्रियदर्शी मिश्रा मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहे। अंजना ठाकुर ने सोसायटी की ओर से दिव्यांगता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों और प्रयासों का विस्तार से ब्योरा प्रस्तुत किया। मुख्यातिथि डॉ. मिश्रा ने कहा कि सीआरसी सुंदरनगर क्रॉस-डिसेबिलिटी और अर्ली इंटरवेंशन सेवाओं के माध्यम से दिव्यांगजनों को विभिन्न प्रकार की पुनर्वास सेवाएं प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि दिव्यांग बच्चों की पहचान और उपचार की प्रक्रिया जितनी जल्दी शुरू होती है, उतना ही उनके समग्र विकास के लिए लाभदायक होता है। सीआरसी से आए स्रोत व्यक्ति शुभम मिश्रा ने दिव्यांगता के मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर प्रकाश डाला और अभिभावकों व समुदाय की भूमिका पर जोर दिया। वहीं, डॉ. दमन आहूजा ने दिव्यांगता से जुड़े सामाजिक पहलुओं पर जानकारी देते हुए कहा कि समाज को दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशील और सहयोगी दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, ताकि उन्हें मुख्यधारा में बेहतर अवसर मिल सकें। संस्था के निदेशक डॉ. रोशन लाल शर्मा ने राष्ट्रीय न्यास के तहत आने वाली चारों दिव्यांगताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर, सामुदायिक सदस्य, पंचायत प्रतिनिधि, डाइट प्रतिनिधि, विशेष शिक्षक, दिव्यांग बच्चे और उनके अभिभावक समेत लगभग 105 लोगों ने भाग लिया।
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