गर्मी की पहली बारिश जिला सोलन के अरबों के सब्जी कारोबार के लिए संजीवनी साबित हो सकती है। खेतों में नमी आने से झुलस रही नगदी पैदावार की पौध को नया जीवन मिला है। रोपाई के लिए भी बेहतर तापमान और वातावरण बन गया है। बारिश से नमी में कमी और सिंचाई के अभाव में कई क्षेत्रों के किसानों की मेहनत बर्बाद होने की कगार पर थी। लेकिन जिलाभर में मंगलवार शाम से रुक रुककर हो रही बारिश से जहां तापमान में गिरावट आई है वहीं किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। यह गर्मी के मौसम की पहली बारिश है। नतीजतन तीन दिन में तापमान 10 डिग्री लुढ़ककर बुधवार को 20 डिग्री तक पहुंच गया। सोमवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री दर्ज किया गया था।
बारिश न होने से जहां मटर की फसल खत्म हो गई है वहीं किसानों को टमाटर, शिमला मिर्च सहित अन्य फसलों की रोपाई के लिए बारिश का इंतजार था। किसानों का इंतजार अब खत्म हो चुका है। लिहाज कुछ गर्म क्षेत्रों में जहां गेहूं की फसल तैयार हो गई है जिसके लिए यह बारिश हानिकारक साबित हो सकती है।
बारिश का कर रहे थे इंतजार
स्थानीय ग्रामीण जयाराम, श्याम दत्त शर्मा, ईश्वर दत्त शर्मा, राजेंद्र कश्यप, गीता राम, उमा दत्त, केश्वराम शर्मा, गणेश दत्त शर्मा, दलीप कुमार, लायक राम शर्मा, कृपा राम, सीता राम, राम लाल, रत्न सिंह, देवेंद्र, मन्नू, रमेश और अन्य किसानों का कहना है कि बारिश न होने से कुछ क्षेत्रों में टमाटर सहित शिमला मिर्च की फसलें सूखने के कगार पर थीं। कुछ क्षेत्र में इन फसलों की रोपाई करने के लिए किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे। लेकिन मंगलवार शाम से हो रही बारिश उनकी फसलों के लिए संजीवनी है। वर्तमान में लगाई जाने वाली टमाटर, शिमला मिर्च और अन्य नगदी फसलों पर बारिश का अच्छा प्रभाव पड़ सकता है।
अंतिम चरण में यह फसलें
वर्तमान में किसानों द्वारा मटर, गेहूं, लहसुन सहित अन्य लगाई फसलें अंतिम चरण में है। इसमें किसानों द्वारा लगाए मटर की फसल एक या दो सप्ताह में पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। एक माह में गेहूं, लहसुन और अन्य फसलें भी तैयार हो जाएंगी। बरसात के समय लगने वाले टमाटर सहित अन्य सब्जियों की फसलें किसानों द्वारा लगाई जाएंगी।
45 हजार हेक्टेयर भूमि में होती है कृषि
जिला में 77 हजार हेक्टेयर भूमि है। इसमें 45 हजार हेक्टेयर भूमि में कृषि कार्य किया जाता है। जिला की 80 प्रतिशत की आबादी सीधे तौर पर कृषि व्यवसाय से जुड़ी है जो वर्ष भर मौसमी और बेमौसमी सब्जियां तथा फल उगाते हैं। इनके लिए यह बारिश संजीवनी साबित होगी।
मंडी में यह होता है कारोबार
सोलन मंडी में सेब समेत सब्जियों और अन्य फसलों का करीबन 400 करोड़ का कारोबार होता है। हर साल मटर, लहसुन, मिर्च, फ्रांस बीन जैसी सब्जियों का करोड़ों का कारोबार किया जाता है। इसमें सबसे अधिक कारोबार शिमला मिर्च का होता है। सोलन में प्रति वर्ष 26290 क्विंटल शिमला मिर्च का उत्पादन किया जाता है। टमाटर का सालाना कारोबार 36 करोड़ का है। 9,74,948 क्विंटल टमाटर उत्पादन होता है। लहसुन और फ्रांसबीन का कारोबार भी 25 करोड़ के पार पहुंच जाता है।
किसान जल्द करें रोपाई : डॉ. धर्मपाल
विषयवाद विशेषज्ञ कृषि डा. धर्मपाल गौतम ने बताया कि यह बारिश फसलों के लिए संजीवनी साबित हुई है। बारिश से खेतों में नमी आ गई है। अब किसानों को टमाटर सहित शिमला मिर्च के पौधों को क्यारी से निकाल कर खेतों में रोप देना चाहिए। बारिश गर्म क्षेत्रों के लिए हानिकारक हो सकती है। इसका कारण यह है कि इन क्षेत्रों में गेहूं की फसल पक चुकी है जिसकी कटाई के लिए किसानों को दो चार होना पड़ सकता है।