सीईओ बोलीं, घरेलू गैस की किल्लत को दूर करने को पेट्रोल पंपों पर केरोसिन उपलब्ध करवाने के लिए भेजेंगे प्रस्ताव
बीबीएन उद्योग संघ बोली, घरेलू गैस की कमी से कामगार कर रहे पलायल
संवाद न्यूज एजेंसी।
बद्दी (सोलन)। बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) के उद्योग संगठनों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर बीबीएन विकास प्राधिकरण (बीबीएनडीए) के सभागार में एक अहम बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता प्राधिकरण की सीईओ आईएएस सोनाक्षी तोमर ने की। बैठक में उद्योगों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई और उनके समाधान के लिए सरकार के समक्ष प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया। बीबीएन उद्योग संघ के संरक्षक राजेंद्र गुलेरिया ने घरेलू गैस की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इसके कारण औद्योगिक कामगार पलायन कर रहे हैं, जिससे लेबर की भारी दिक्कत हो रही है। इस पर सीईओ सोनाक्षी तोमर ने आश्वासन दिया कि मामला खाद्य आपूर्ति विभाग के समक्ष उठाया जाएगा और वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर पेट्रोल पंपों पर केरोसिन उपलब्ध कराने की मांग की जाएगी। बैठक में डिप्टी सीईओ जगन ठाकुर, संयुक्त कंट्रोलर वित्त मनोज ठाकुर, बीबीएनआईए के महासचिव रजनीश बिज, राजीव सत्या, राजेश बंसल, एक्सईएन सुमित आजाद और एटीपी गणेश दत्त मल्लाह मौजूद रहे।
फायर एनओसी के लिए क्लस्टर मॉडल पर जोर
लघु उद्योग संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार राणा व फार्मा उद्योग संघ के राजेश बंसल ने कहा कि छोटे प्लॉट वाले उद्योगों के लिए भारी-भरकम फायर सेफ्टी उपकरण लगाना मुमकिन नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि जलशक्ति विभाग या एचपीएसआईडीसी स्वयं टैंक बनाकर उद्योगों को कनेक्शन दे, जिसके लिए उद्योग मासिक शुल्क देने को तैयार हैं। इससे फायर एनओसी की समस्या जड़ से खत्म हो जाएगी।
कचरा निष्पादन पर नालागढ़ के लिए बनेगी नई पॉलिसी
नालागढ़ उद्योग संघ के राजेंद्र सिंह राणा और विचित्र सिंह पटियाल ने कचरा प्रबंधन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ₹50 प्रति मीटर स्वच्छता शुल्क देने के बाद भी सड़कों पर गंदगी क्यों है? सीईओ ने कहा कि बद्दी में व्यवस्था ठीक है, लेकिन नालागढ़ के लिए अलग पॉलिसी बनाई जा रही है। उन्होंने सफाई में जन-भागीदारी को भी अनिवार्य बताया।
आला अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा प्रॉपर्टी टैक्स का मुद्दा
नगर परिषद से नगर निगम बनने के बाद उद्योगों को लाखों रुपये के प्रॉपर्टी टैक्स के नोटिस मिल रहे हैं। सीईओ ने स्पष्ट किया कि उद्योग पहले ही बीबीएनडीए को शुल्क दे रहे हैं, ऐसे में दोहरे टैक्स के इस मुद्दे को शिमला में शहरी विकास विभाग के आला अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा।