स्कूली बच्चों और राहगीरों में भय का माहौल
बुजुर्गों और दोपहिया चालकों को कर रहे परेशान
लोगों ने प्रशासन जल्द समाधान निकालने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार(सोलन)। नगर पंचायत कुनिहार में आवारा कुत्तों का आतंक लोगों के लिए मुसीबत बन चुका है। क्षेत्र के मुख्य मार्गों से लेकर वार्डों में कुत्तों के झुंड घूम रहे हैं। इससे राहगीरों, महिलाओं, स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों में डर का माहौल है।
लोगों के अनुसार, आए दिन कुत्ते लोगों पर हमला कर रहे हैं। उनके वाहनों के पीछे दौड़ने से दुर्घटनाएं हो रही हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि नगर पंचायत के अलग-अलग वार्डों में आवारा कुत्तों की तादाद में इजाफा हो रहा है। कि कई जगहों पर 10 से 12 कुत्तों के झुंड दिन-रात सड़कों पर डेरा डाले रहते हैं। ये कुत्ते राहगीरों के पीछे झपट पड़ते हैं। हाल ही में कुनिहार स्कूल ग्राउंड के पास कुत्तों ने 80 साल के बुजुर्ग को बुरी तरह काटकर घायल कर दिया था।
कुछ दिन पहले रात करीब आठ बजे एक और बुजुर्ग व्यक्ति को कुत्तों के झुंड ने घेर लिया था। गनीमत रही कि आसपास के दुकानदारों ने समय रहते उन्हें बचा लिया। पहिया वाहनों के पीछे कुत्तों के अचानक दौड़ने से चालक संतुलन खो रहे हैं। इससे कई लोग चोटिल हो चुके हैं।
शिकायत को लेकर जनता में असमंजस
कुनिहार के नगर पंचायत बनने के बाद लोग इस बात को लेकर भी असमंजस में हैं कि शिकायत किस विभाग या अधिकारी के पास करें। ग्रामीणों का कहना है कि पहले पंचायत के जरिए समस्याएं विभागों तक आसानी से पहुंच जाती थीं। स्थानीय निवासियों मस्तराम, संत राम, विश्वनाथ, मंशाराम, केशव, संजय, गोविंद, रत्न, राजेंद्र, ओखरू, राकेश, जतिन, राहुल, मनमोहन, गोपाल, मनु, हेमंत, टीटू और विनोद ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और नगर पंचायत से मांग की है कि क्षेत्र को भयमुक्त बनाने के लिए कुत्तों की नसबंदी, टीकाकरण और पुनर्वास की उचित व्यवस्था की जाए।
इसी सप्ताह शुरू होगी नसबंदी
नगर पंचायत कुनिहार में आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए विभाग की ओर से नसबंदी कार्य के टेंडर हो चुके हैं। इसी सप्ताह से विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। विभाग ने इसके लिए पिंजरों की व्यवस्था सहित सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। उम्मीद है कि इस अभियान के बाद कुत्तों की बढ़ती संख्या पर प्रभावी रोक लगेगी।
राकेश ठाकुर, पूर्व प्रधान, ग्राम पंचायत कुनिहार