संत निरंकारी मिशन ने दाड़लाघाट में किया सत्संग
सैकड़ों की संख्या में अनुयायियों ने सत्संग में लिया भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट (सोलन)। संत निरंकारी मिशन की ओर से दाड़लाघाट स्थित भवन में सत्संग आयोजित हुआ। कार्यक्रम में स्थानीय समेत दूर-दराज क्षेत्रों से आए अनुयायियों ने भाग लिया। इस दौरान अनुयायियों ने महात्मा के प्रवचनों का श्रवण किया और अच्छे मार्ग पर चलने के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए कहा। कार्यक्रम में मौजूद महापुरुषों ने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि निराकार परमात्मा के अहसास में जो हम सभी का मूल है। एक को जानकर, एक को मान कर, एक होकर इसकी भक्ति करनी चाहिए।
भक्ति के मार्ग अलग हो सकते हैं, लेकिन मंजिल एक ही है। दाड़ला ब्रांच के मुखी महात्मा विद्या सागर ठाकुर ने कहा कि ब्रह्म ज्ञान प्राप्त होने के पश्चात भक्त को चाहिए कि निरंतर सत्संग में आकर भगवान की महिमा का यशोगान प्रेम और श्रद्धा से सुने और समझे। यदि सत्संग में पहुंचकर भी संतों व भगवान से प्रेम नहीं बढ़ रहा तो समझो की गाड़ी अभी भी वहीं रुकी हुई है। भगवान के भक्त संसार में ऐसे रहते हैं, जैसे कीचड़ में कमल लिप्त नहीं होता और अपना प्रेम सूर्य से ही निर्वाह करता है। निरंकार परमात्मा की शरण में जाने से इंसान वह सब कुछ पा लेता है। उन्होंने कहा कि निरंकारियों की पहचान उनके इंसानियत वाले गुणों, व्यवहार और आचरण से है। इससे पूर्व अन्य अनुयायियों ने विचारों और भजनों के माध्यम से निरंकारी मिशन का प्रचार एवं गुणगान किया। इस मौके पर काफी संख्या में निरंकारी समुदाय के अनुयायी उपस्थित रहे।