थोड़ी सी बारिश और यदि धूप निकल जाए तो बारिश से साथ बही मिट्टी धूल का रूप धारण कर लेती है। शहर की बेहाल सड़कों से जहां आम जनमानस परेशान है वहीं दोपहिया वाहन चालक तो कई बार इन खराब सड़कों में हादसों का शिकार भी हो चुके हैं। नालागढ़ की सड़कों की हालत कुछ इस कदर बिगड़ चुकी है।
शहर की सड़कें किसी बदतर पगडंडी जैसी हो गई हैं। शहर सहित बाहर से आने वाले लोग प्रतिदिन खस्ता हालत सड़कों से परेशानी झेलने को मजबूर हैं। शहर में बिछ रही सीवरेज लाइन के कारण शहर की हर गली और सड़कें पूरी तरह से उखड़ चुकी हैं। इससे मिट्टी के ढेर लगने के बाद बारिश होने पर यह कीचड़ से भर जाती हैं। धूप खिलने से धूल तथा बड़े-बड़े उभरे गड्ढों से लोगों का सामना होता है। नालागढ़ शहर में सीवरेज का कार्य भी चला है जिसके चलते सड़कों और गलियों की खुदाई की गई है। इसका मलबा भी सड़कों पर रखा हुआ है जिससे लोगों को कीचड़ की समस्या झेलनी पड़ रही है।
कई निकास नालियां बंद होने से बारिश के दिनों में सड़कें तालाब का रूप धारण कर लेती हैं। नालागढ़ शहर की सड़कें पूरी तरह से सीवरेज की पाइप लाईनें बिछाने के कारण उखड़ चुकी हैं। इससे शहर की सड़कों और गलियों में मिट्टी भर गई है। थोड़ी सी बारिश में पानी सड़कों पर जमा हो जाता है। शहर में 20.99 करोड़ की लागत से सीवरेज का कार्य चल रहा है। सरसा नदी के पास बेला गांव में ट्रीटमेंट प्लांट के बाद शहर में इसकी पाईप लाईन बिछाई जा रही है। इस कारण सड़कों और गलियों में खुदाई की जा रही है। अब सीवरेज चैंबर बनने से शहर की सड़कें पूरी तरह से उखड़ चुकी हैं। स्थानीय निवासी विजय वर्मा, राजिंद्र, दीपक, शिवम और प्रवीण ने कहा कि शहर की उखड़ी और खस्ताहाल सड़कों से प्रतिदिन लोगों को दो चार होना पड़ रहा है। परिषद एक साल से शहर की उखड़ी सड़कों की दशा नहीं सुधार सकी है। उन्होंने नगर परिषद से शहर की सड़कों की जल्द मरम्मत करवाने की मांग की है।
निर्माण कार्य के चलते हो रही दिक्कत
नगर परिषद उपाध्यक्ष सरोज शर्मा ने कहा कि सीवरेज के कार्य के चलते सड़कों की मरम्मत नहीं हो सकी है। इसके लिए अब ठेकेदार से वस्तुस्थिति का जायजा लेकर कनेक्शन हो जाने वाले मार्गों की क्लीयरेंस मांगी जाएगी ताकि वहां सड़कों की मरम्मत का कार्य आरंभ हो सके।