प्रदेश के मुख्य द्वार परवाणू से लेकर शिमला तक का सफर साफ और सुंदर होगा।
- फोटो : demo pic
प्रदेश के मुख्य द्वार परवाणू से लेकर शिमला तक का सफर साफ और सुंदर होगा। सैलानियों तथा अन्य राहगिरों की सुविधा के लिए प्रशासन परवाणू-कंडाघाट एनएच पर हर 15 किमी के बाद मोबाइल शौचालय की सुविधा प्रदान करेगा। वर्तमान में परवाणू से कंडाघाट एनएच के बस स्टॉप और अन्य क्षेत्रों में सैलानियों तथा अन्य लोगों को शौचालय की सुविधा नहीं है। इस कारण लोगों को मजबूरन सड़क के किनारे ही शौच के लिए जाना पड़ रहा है। इससे संपूर्ण स्वच्छता की धज्जियां उड़ रही हैं।
16 नवंबर को आयोजित हिमाचल प्रदेश विधानसभा की अधीनस्थ विधायन समिति की बैठक में यह मुद्दा उठने के बाद डीसी राकेश कंवर ने इस पर कार्य को करने के आदेश दिए थे। डीसी के निर्देशों के बाद एनएच-22 पर परवाणू से कंडाघाट तक हर 15 किमी की दूरी पर शौचालय सुविधा देने की कवायद शुरू हो गई है। इस कड़ी के तहत एनचएच से सटी पंचायतों में बैठकों के दौर शुरू हो गए है। शुक्रवार को धर्मपुर में एसडीएम सोलन एकता काप्टा की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। इसमें संबंधित कार्यक्षेत्र में मोबाइल शौचालय की संभावनाएं तलाशी गई। इससे संपूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत इस योजना को जोड़ा है।
शुक्रवार को हुई बैठक में 4 पंचायतों के प्रधानों ने हिस्सा लिया। एसडीएम ने पंचायत प्रधानों को बताया की सोलन से परवाणू तक के हाइवे पर पर्यटकों और आम जनता के लिए 15 किमी की दूरी पर मोबाइल शौचालय सुविधा प्रदान की जाएगी। इसे लगाने के लिए स्थान का चयन भी कर लिया है। इसके तहत सभी पंचायत प्रधान अपने अपने क्षेत्र में पड़ने वाले निजी होटलों को दिशानिर्देश जारी करें की होटलों के बाहर पर्यटकों के लिए शौचालय सुविधा के लिए साइन बोर्ड लगाया जाए। इसके लिए पर्यटन विभाग को भी सरकार से दिशानिर्देश दिए जा चुके हैं।
सभी प्रधानों ने उपमंडल अधिकारी को इस कार्य के लिए आश्वास किया कि जल्द ही पंचायत की बैठक में प्रस्ताव पारित करके होटल मालिकों को निर्देश दिए जाएंगे। इस अवसर पर धर्मपुर के प्रधान ओम प्रकाश पंवर, जाबली के प्रधान दुनीचंद धीमान, गढ़खल कसौली के प्रधान मधु शर्मा, गड़खल सनावर के प्रधान राजेंद्र शर्मा और अन्य मौजूद रहे।