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सोलन शहर के लिए बना 58.56 करोड़ का मास्टर प्लान खारिज

Sat, 17 Sep 2016 12:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
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सोलन शहर के ‌ल‌िए बना मास्टर प्लान खार‌िज कर द‌िया है। - फोटो : अमर उजाला
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शहर में एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ियां) रोपवे, साइंस म्यूजियम, ओवर हेडिड ब्रिज का सब्जबाग दिखाने वाले मास्टर प्लान को शहरी विकास विभाग ने खारिज कर दिया है। 58.46 करोड़ का प्रस्ताव लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है। जरूरत से अधिक प्रस्तावित बजट होने के चलते इस प्रस्ताव को खारिज किया है। लिहाजा सोलन चकाचक करने का यह प्रस्ताव महज कागजी साबित हुआ। न तो शहरी विकास विभाग न ही पयटर्न विभाग ने सोलन नगर परिषद के इस प्रस्ताव में रुचि दिखाई है।
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नतीजा इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। अब नगर परिषद इस प्रस्ताव का खाका नए सिरे से खींचने लगी है। 2013 में सिटी को हाईटेक बनाने का 58.46 करोड़ का महत्वाकांक्षी मास्टर प्लान बनाकर विभाग को भेजा गया।  नगर परिषद के हाउस में इस प्रस्ताव को पारित किया। इसके बाद इस प्रस्ताव को दिल्ली पर्यटन विभाग में भेजने की योजना थी।

न बनेगा म्यूजियम न रोपवे
सोलन शहर के साथ लगते सलोगड़ा में नगर परिषद साइंस म्यूजियम खोलने की योजना नगर परिषद ने तैयार की थी। इसके लिए पांच करोड़ मांगा था। रोपवे के लिए 406.25 लाख का बजट प्रस्तावित था। रज्जू मार्ग नए बस स्टैंड से चिल्ड्रन पार्क, चिल्ड्रन पार्क से जवाहर पार्क और कोटला नाला से टैंक रोड तक प्रस्तावित किया गया। इस रोप वे के बनने से लोगों का आवाजाही में सुविधा मिलनी थी, वहीं जाम से निजात मिलनी थी। नगर परिषद पैसेंजर लिफ्ट लगाने के लिए भी प्रयासरत थीं। इसमें 105 लाख रुपये खर्च होना था। शॉपिंग माल जिसमें मल्टीप्लेक्स, बैंकवेट हाल आदि खोलने का भी प्लान था।
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90 लाख का ओवर हेड ब्रिज
सोलन शहर के बीचोबीच स्कूलों के पास ओवर हेड ब्रिज बनाने की नगर परिषद की सोच भी इस प्रस्ताव में थी। इसके बनने से जहां एक ओर से बच्चों को सड़क क्रॉस करने में आसानी होनी थी, वहीं जाम जैसी समस्या से भी निजात मिलनी थी। इस पर 90 लाख रुपये खर्च करने का प्रस्ताव बनाया था। लेकिन यह भी अब सिरेे चढ़ता नजर नहीं आ रहा।

फिर से बनेगा स्मार्ट बनाने का प्लान : अध्यक्ष
नगर परिषद के अध्यक्ष पवन गुप्ता ने बताया कि नप के पिछले अध्यक्ष द्वारा यह प्रस्ताव शहरी विकास विभाग के पास भेजा था लेकिन प्रस्ताव में कुछ जरूरत से ज्यादा बजट का बना दिया गया। इस कारण प्रस्ताव विभाग द्वारा रिजेक्ट कर दिया गया। अब नगर परिषद द्वारा शहर की आबादी, क्षेत्र वर्ग और जरूरत के हिसाब से फिर शहर से मास्टर प्लान तैयार करेगा और मंजूरी के लिए भेजेगा।
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