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Solan News: 100 साल पुराने छात्र स्कूल कुनिहार के मर्ज करने के फैसले को वापस ले सरकार

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कुनिहार में स्कूल मर्ज के विराेध में अ​भिभावक संघ और स्थानीय पंचायत प्रतिनि​धियों की बैठक में म
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गर्ल्ज और बॉय स्कूल की दोनों एसएमसी के साथ पंचायत प्रतिनिधियों ने बैठक कर उठाई मांग
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प्रिंसिपल के माध्यम से सरकार को भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार (सोलन)। शिक्षा विभाग द्वारा करीब 100 साल पुराने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छात्र कुनिहार को ऊंचा गांव स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या विद्यालय में मर्ज करने के फैसले से पूरे क्षेत्र में रोष है। स्थानीय लोगों ने इस निर्णय को शिक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करार देते हुए सरकार से इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छात्र कुनिहार में दोनों विद्यालयों की एसएमसी की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुनिहार विकास सभा और क्षेत्र की तीनों पंचायतों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। छात्र विद्यालय परिसर में आयोजित बैठक में विकास सभा के प्रधान धनीराम तनवर सहित पंचायत प्रतिनिधियों समेत अन्य लोगों ने सर्वसम्मति से विद्यालय के प्रिंसिपल के माध्यम से सरकार को कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए ज्ञापन सौंपा। बैठक में क्षेत्र के लोगों ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि करीब एक सदी पुराना ऐतिहासिक विद्यालय जिसने क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा देकर समाज में प्रतिष्ठित स्थान दिलाया है, उसे सिर्फ 15 वर्ष पहले बने कन्या विद्यालय में मर्ज करना समझ से परे है। सभा के सदस्यों ने सुझाव दिया कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या विद्यालय को सीबीएसई बोर्ड के तहत चलाया जाए, जबकि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छात्र कुनिहार को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के तहत ही संचालित रहने दिया जाए। उनका कहना था कि इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों को दो अलग-अलग शिक्षा बोर्डों का विकल्प मिलेगा।
7 से 8 किलोमीटर दूर अन्य स्कूलों में भेजने पड़ेंगे बच्चे
एसएमसी सदस्यों और स्थानीय लोगों ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि दोनों विद्यालयों को मर्ज कर दिया गया तो जिन अभिभावकों की इच्छा अपने बच्चों को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड में पढ़ाने की है, उन्हें मजबूरन बच्चों को 7 से 8 किलोमीटर दूर अन्य स्कूलों में भेजना पड़ेगा। इससे विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ेगी।
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बड़े परिसर और सुविधाओं के बावजूद मर्ज पर सवाल
बैठक में बताया गया कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छात्र कुनिहार लगभग छह से सात बीघा भूमि पर फैला हुआ है, जहां विज्ञान ब्लॉक सहित पढ़ाई की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके विपरीत कन्या विद्यालय अपेक्षाकृत कम क्षेत्र में स्थित है, जहां खेल मैदान सहित कई बुनियादी सुविधाओं का अभाव बताया गया। ऐसे में इतने बड़े और संसाधनों से लैस विद्यालय को दूसरे विद्यालय में मर्ज करना लोगों को तर्कसंगत नहीं लग रहा।
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आदेश वापस न हुआ तो सड़कों पर उतरेंगे लोग
बैठक में लोगों ने एक स्वर में सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शिक्षा विभाग ने 18 फरवरी को जारी मर्ज आदेश एक सप्ताह के भीतर वापस नहीं लिया, तो क्षेत्र की तीनों पंचायतों के लोग सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि क्षेत्र की जनता अपने ऐतिहासिक विद्यालय को खत्म होते हुए नहीं देख सकती।ग्राम पंचायत हाटकोट के पूर्व प्रधान जगदीश अत्री और पूर्व प्रधान व समाजसेवी कौशल्या कंवर ने भी अपने विचार रखे।
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