फैशन डिजाइनिंग, जूट के उत्पाद बनाने और हल्के वाहन चलाने का प्रशिक्षण प्राप्त करके स्वरोजगार हासिल करने वाले युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। यूको बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान शीघ्र ही फैशन डिजाइनिंग, जूट के उत्पाद निर्मित करने और हलके वाहन चलाने का प्रशिक्षण प्रदान करने के शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू करने जा रहा है। यूको आरसेटी की जिला स्तरीय परामर्श समिति की 17वीं बैठक में इसका खुलासा हुआ। बैठक की अध्यक्षता डीसी डॉ. राकेश कंवर ने की। उन्होंने बताया कि 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग का कोई भी बेरोजगार इन निशुल्क कोर्स को करने के लिए पात्र है। इन कोर्सों की अवधि 6 से 45 दिन की हो सकती है। अप्रैल 2017 में इन कोर्सों को शुरू किया जा सकता है।
उन्होंने यूको बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (यूको आरसेटी) को निर्देश दिए हैं कि वह अपने स्वरोजगार परक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ जिले की सभी पंचायतों को जोड़ें। यूको आरसेटी द्वारा बेरोजगार युवाओं के लिए समय-समय पर अनेक ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनके माध्यम से युवा रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि यूको आरसेटी द्वारा अधिक से अधिक संख्या में ग्रामीण युवाओं को इन कार्यक्रमों के साथ जोड़ा जा रहा है। लेकिन इस दिशा में अभी और प्रयास करने की आवश्यकता है। इसके अलावा बैठक में जानकारी दी कि इस अप्रैल से अक्तूबर तक संस्थान ने विभिन्न कार्यक्रमों के तहत 268 बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षित किया।
इस दौरान युवाओं को मशीनी बुनाई, ब्यूटी पार्लर प्रबंधन, महिला ड्रेस डिजाइनिंग, आचार और पापड़ बनाना, फास्ट फूड, कपड़े के बैग बनाने का प्रशिक्षण प्रदान किया है। इस वर्ष अक्तूबर तक संस्थान द्वारा 22 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस मौके पर उपनिदेशक कृषि डॉ. एचएस राठौर, बागवानी विकास अधिकारी डॉ. राजनेगी, लीड बैंक के प्रबंधक टीपी नेगी और जिला रोजगार अधिकारी निर्मल शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
ऐसे शुरू होगा प्रशिक्षण कार्यक्रम
सोलन। संस्थान द्वारा नवंबर में आचार और पापड़ बनाने, महिला ड्रेस डिजाइनिंग, दिसंबर में कंप्यूटर टैली, जनवरी 2017 में कंप्यूटर डाटा एंट्री ऑपरेटर, फरवरी 2017 में मशरूम खेती एवं कंप्यूटर टैली तथा मार्च, 2017 में फूड प्रोसेसिंग एवं फास्ट फूड तथा मशीनी बुनाई का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रमों की अवधि 7, 21, 30, 6 और 15 दिन की रहेगी। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में उन आठवीं पास प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है जो बीपीएल परिवार से संबंधित होते हैं। प्रशिक्षण के उपरांत प्रशिक्षणार्थी स्वरोजगार उद्यम स्थापित करने के लिए संस्थान द्वारा दिए प्रमाणपत्र के आधार पर बैंक की नजदीकी शाखा से ऋण भी ले सकते हैं।