पारदर्शिता के लिए बनेगी कमेटी, उपायुक्त ने जारी किए जरूरी निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
सुबाथू (सोलन)। सुबाथू का ऐतिहासिक एवं पारंपरिक जिला स्तरीय गुग्गा माड़ी मेला इस वर्ष से पूरी तरह से जिला प्रशासन की देखरेख में होगा। यह मेला पिछले 150 से अधिक वर्षों से क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक रहा है। मेले के भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने इसकी कमान अपने हाथ में ले ली है।
उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सुबाथू का गुग्गा माड़ी मेला एक प्रतिष्ठित जिला स्तरीय आयोजन है। इसके सफल संचालन के लिए उपमंडलीय दंडाधिकारी (एसडीएम) सोलन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मेले की सभी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए जल्द ही एक कमेटी का गठन किया जाएगा। आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था और अन्य प्रबंधों को देखने के लिए तहसीलदार और नायब तहसीलदार स्तर के अधिकारियों की विशेष ड्यूटी लगाई जाएगी। जिला प्रशासन क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को संजोने और आम जनता व व्यापारियों की सुविधा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मेले के दौरान सुरक्षा, यातायात और स्वच्छता के भी पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे।
उधर, दूसरी ओर मेले में होनी वाली खेलकूद प्रतियोगिता का पोस्टर जारी किया गया, लेकिन कमेटी पोस्टर पर एक बार फिर से जिला स्तरीय शब्द लिखना भूल गया। इससे पहले भी 2022 कमेटी द्वारा मेले के पोस्टर व मेले के निमंत्रण पत्र से भी जिला स्तरीय नाम नहीं लिखा था। हालांकि बाद में कमेटी ने आनन-फानन में निमंत्रण पत्र में मेले को जिला स्तरीय मेले का दर्जे का सम्मान दिया गया।
मेले के दौरान व्यापारियों और दुकानदारों को दिए जाने वाले प्लॉट (दुकान लगाने की जगह) का आवंटन अब पूरी तरह प्रशासन द्वारा गठित आधिकारिक कमेटी की देखरेख में होगा। इससे आवंटन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता आएगी ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो।