बिना रेरा मंजूरी के बनाई गई थीं दो इमारतें, 51 लाख जुर्माने के बाद अब डिस्मेंटल का काम जारी
सोसायटी ने प्रस्ताव पारित कर बोर्ड को भेजी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। बद्दी के एक निजी अपार्टमेंट में बिना मंजूरी तैयार की गई इमारतों को गिराने का काम अब यहां रह रहे परिवारों के लिए आफत बन गया है। बिल्डिंग को तोड़ने (डिस्मेंटल) के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी और भारी धूल के कारण स्थानीय निवासियों का दम घुट रहा है। इस समस्या को लेकर अपार्टमेंट की आवासीय वेलफेयर सोसायटी ने अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का दरवाजा खटखटाया है। मामला बद्दी के एक नामी निजी अपार्टमेंट का है, जहां बिल्डर बिना रेरा की स्वीकृति के दो नई इमारतों का निर्माण कर रहा था। निर्माण कार्य लगभग पूरा होने वाला था, तभी रेरा ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए न केवल काम रुकवाया, बल्कि बिल्डर पर 51 लाख रुपये की पेनल्टी भी लगाई। जुर्माने के बाद अब बिल्डर इन अवैध इमारतों को गिराने का काम कर रहा है, लेकिन मलबे और धूल के प्रबंधन के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। आवासीय वेलफेयर सोसायटी के प्रधान विद्यादत्त तिवारी, कोषाध्यक्ष प्रवीण शर्मा और प्रदीप कुमार ने बताया कि बिल्डर को कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। सोमवार को हुई सोसायटी की बैठक में प्रस्ताव पारित कर प्रदूषण बोर्ड को औपचारिक शिकायत भेजी है।
257 परिवारों की सेहत दांव पर
अपार्टमेंट में कुल 257 फ्लैट हैं, जिनमें लोग सपरिवार रह रहे हैं। सोसायटी के पदाधिकारियों का कहना है कि मलबे से उड़ रही धूल के कारण बुजुर्गों और बच्चों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। बिल्डिंग तोड़ने के दौरान होने वाले भारी शोर-शराबे से बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। धूल को दबाने के लिए पानी का छिड़काव या ग्रीन नेट जैसे बुनियादी इंतजाम भी नहीं किए गए हैं।
कोट
फिलहाल मेरे संज्ञान में ऐसी कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। जैसे ही सोसायटी का शिकायत पत्र मिलता है, मौके पर टीम भेजकर जांच करवाई जाएगी और नियमों के उल्लंघन पर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-अतुल परमार, अधिशासी अभियंता, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड