लॉडिड और कारों के पलटने की रहती है आशंका
पहाड़ियों से सड़क पर गिर रहे पत्थर बने आफत का कारण
तंबूमोड़ के समीप सिंगल लेन ट्रैफिक, दो सालों से बहाली नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर फोरलेन निर्माण के बाद कई ब्लैक स्पॉट बन गए हैं। इन ब्लैक स्पॉट पर लोडेड ट्रकों और छोटी गाड़ियों के पलटने का खतरा हर समय बना रहता है। इससे आम लोगों की जान पर भी जोखिम है। फोरलेन निर्माण के लिए पहाड़ियों की सीधी कटिंग से गिरते पत्थर सड़क पर किसी आफत से कम नहीं हैं। पिछले पांच सालों में बारिश के समय सड़क पर पत्थर गिरने की लगातार घटनाएं हो रही हैं।
हैरानी की बात यह है कि तंबूमोड़ के पास वर्ष 2023 की बरसात में ढही सड़क को अभी तक ठीक नहीं किया गया। यहां पिछले दो सालों से सिंगल लेन ट्रैफिक चल रहा है, जिससे कई बार आमने-सामने वाहनों की टक्कर हो चुकी है। चक्कीमोड़ नेशनल हाईवे का सबसे बड़ा ब्लैक स्पॉट बन गया है। बरसात में पत्थरों और मलबे के गिरने का खतरा भी बना रहता है। परवाणू के टीटीआर चौक से पहले बने पुल में कालका की ओर तीखा मोड़ है। तंबूमोड़ में ट्रक ले-बाय, चक्कीमोड़ से जाबली के बीच, सनवारा में रेल ओवर ब्रिज से थोड़ा आगे, धर्मपुर में कसौली, सुक्की जोहड़ी और धर्मपुर चौक में भी हादसों की आशंका बनी रहती है।
बड़ोग बाईपास में एमएमयू अस्पताल के पास, शमलेच, आंजी, रबौन, धर्मपुर थाना के आगे, सनवारा पेट्रोल पंप के पास और शमलेच में टनल की ओर जाने वाली सड़क पर भी कई तीखे मोड़ हैं। बीते दिनों यहां तीन ट्रक सड़क से गिर चुके हैं। सोलन-बड़ोग बाईपास में जलशक्ति विभाग कार्यालय के पास बने रेल ओवर ब्रिज और सोलन से शिमला की ओर जाने वाले मार्ग में सलोगड़ा के समीप पहाड़ी से पत्थर गिरते रहते हैं। कंडाघाट टनल के दूसरे छोर और वाकनाघाट के पास भी तीव्र मोड़ हैं, जहां बस और कारें पलट चुकी हैं। इन सभी ब्लैक-स्पॉट्स पर यातायात की सुरक्षा के तत्काल उपाय करने की आवश्यकता है।
कहां-कहां हादसे का खतरा
तंबूमोड़ – दो साल से सिंगल लेन ट्रैफिक, ढही सड़क, आमने-सामने वाहनों की टक्कर का खतरा
चक्कीमोड़ से जाबली – कई तीखे मोड़, बरसात में मलबा और पत्थर गिरने का खतरा
परवाणू के टीटीआर चौक से पहले पुल – कालका की ओर तीव्र मोड़
सनवारा – रेल ओवर ब्रिज से थोड़ा आगे तीखे मोड़, पेट्रोल पंप के पास भी मोड़
धर्मपुर क्षेत्र – कसौली, सुक्की जोहड़ी और धर्मपुर चौक पर हादसे का खतरा
बड़ोग बाईपास – एमएमयू अस्पताल के पास तीखे मोड़
शमलेच, आंजी और रबौन – तीखे मोड़ और सड़क से गिरने का खतरा
धर्मपुर थाना के आगे – तीखे मोड़
सोलन-बड़ोग बाईपास – जलशक्ति विभाग कार्यालय के पास रेल ओवर ब्रिज
सोलन से शिमला मार्ग – सलोगड़ा के समीप पहाड़ी से पत्थर गिरने का खतरा
कंडाघाट टनल के दूसरे छोर – तीव्र मोड़, वाहन पलटने का खतरा
वाकनाघाट – सड़क पर तीखे मोड़ के कारण वाहन पलटने का खतरा