बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त हुआ बेद का जोहड़ – सरौर मार्ग- स्रोत- ग्रामीण।
नालागढ़ की सरौर पंचायत में ग्रामीणों को झेलनी पड़ रही दिक्कतें, कई गांवों का संपर्क कटा
किसानों को सब्जियां मुख्य मार्ग तक पहुंचाने में हो रही है परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ के पहाड़ी क्षेत्र की सरौर पंचायत के तहत आने वाली बैद का जोहड़-सरौर संपर्क सड़क पिछले करीब तीन महीने से बंद पड़ी है, जिसके कारण ग्रामीणों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। गांव में यदि कोई बीमार पड़ जाए, तो उसे मुख्य सड़क तक लाने के लिए पीठ या फिर चारपाई का सहारा लेना पड़ रहा है। पिछले दिनों दो ऐसे मामले सामने आए, जिनमें गर्भवती महिलाओं को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर वाहन तक पहुंचाने के लिए चारपाई पर लेटाकर दो से तीन किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। एक सप्ताह पूर्व बल्ह गांव के गुरदयाल की बेटी को भी इसी तरह चारपाई पर उठाकर बैद का जोहड़ तक लाया गया, जहां से वह गाड़ी से अस्पताल पहुंची। इस सड़क से सरौर, बल्ह, खिंदला और आसपास के कई गांव जुड़े हैं, लेकिन यातायात ठप होने से यहां का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बल्ह व खिंदला गांव के देशराज और प्रकाश चंद ने बताया कि वे नकदी फसलें उगाते हैं। सड़क बंद होने के कारण उन्हें अपनी सब्जियां और फसलें पीठ पर उठाकर बैद का जोहड़ तक लाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें भारी शारीरिक और आर्थिक नुकसान हो रहा है। सरौर पंचायत प्रधान धर्मपाल चंदेल ने बताया कि उन्होंने लोक निर्माण विभाग को सड़क खुलवाने के लिए कई बार आग्रह किया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने गांव में मौजूद अन्य गर्भवती महिलाओं के लिए एंबुलेंस की तत्काल जरूरत की आशंका जताई।
जल्द बहाल होगी सड़क
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता नीरज कुमार ने कहा कि पहली नवंबर से ही उनके पास इस अनुभाग का अतिरिक्त कार्यभार आया है। उन्होंने जल्द ही इस मार्ग को बहाल करवाने का आश्वासन दिया है।