अब बारिश के बाद शुरू होगी मुहिम
बरसात में संक्रमण और घाव पकने के जोखिम को देखते हुए लिया फैसला
विभाग और निगम मिलकर शहर में 1,500 कुत्तों की करवा चुके ऑपरेशन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शहर में कुत्तों की बढ़ती संख्या पर लगाम लगाने के लिए चलाया जा रहा नसबंदी अभियान मानसून के चलते अस्थायी रूप से रोक दिया है। पशुपालन विभाग के अनुसार बारिश और नमी के मौसम में नसबंदी ऑपरेशन के बाद कुत्तों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने का खतरा रहता है।
विभाग के अधिकारियों और पशु चिकित्सकों के अनुसार बरसात के मौसम में हवा में नमी अधिक होने के कारण सर्जरी के बाद घाव में संक्रमण फैलने और घाव पकने का खतरा बढ़ जाता है। आवारा कुत्ते सड़कों, गलियों और खुले स्थानों पर घूमते हैं। ऐसे में बारिश के गंदे पानी और कीचड़ के संपर्क में आने से उनके घाव प्रभावित हो सकते हैं। इससे रिकवरी में भी परेशानी आ सकती है। इसे देखते हुए कुत्तों को संक्रमण से बचाने के लिए अभियान को मानसून तक स्थगित किया गया है।
पशुपालन विभाग और नगर निगम सोलन के संयुक्त प्रयासों से शहर में सड़क पर घूमने वाले कुत्तों की आबादी नियंत्रित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अब तक शहर के विभिन्न वार्डों से करीब 1,500 आवारा कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। साथ ही कुत्तों को रेबीज-रोधी टीके भी लगाए गए हैं, ताकि लोगों को रेबीज के खतरे से बचाया जा सके।
मानसून के बाद फिर शुरू होगा अभियान
पशुपालन विभाग के जिला उपनिदेशक डॉ. विवेक लांबा ने बताया कि मानसून समाप्त होने और मौसम सामान्य व शुष्क होने के बाद सड़क पर घूमने वाले कुत्तों की नसबंदी का अभियान दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। नगर निगम और पशुपालन विभाग का लक्ष्य शहर में कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करना और लोगों को कुत्तों के काटने की घटनाओं से राहत दिलाना है।